केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही रूप में कृपा बरसी है। मोदी सरकार के खजाने से योगी सरकार की तिजोरी में लगभग 4.26 लाख करोड़ रुपये आएंगे। अलग-अलग मदों के रूप में राज्य सरकार को मिलने वाली ये धनराशि पिछले बजट की तुलना में 25 हजार करोड़ रुपये ज्यादा है। इसमें केंद्रीय करों में हिस्सेदारी, कैपिटल असिस्टेंस, केंद्र प्रायोजित योजनाओं में हिस्सेदारी, सेंट्रल सेक्टर और वित्त आयोग के तहत मिलने वाली धनराशि शामिल है।

केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी देश के सभी राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा है। 2.68 लाख करोड़ रुपये योगी सरकार को इसी मद में मिलेंगे। इससे प्रदेश सरकार को विकास कार्यों को तेज करने और जनकल्याण योजनाओं को विस्तार देने में बड़ा सहारा मिलेगा। इस धनराशि से उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास और ग्रामीण योजनाओं को नई गति मिलेगी। खास तौर पर एक्सप्रेसवे, मेट्रो परियोजनाएं, औद्योगिक कॉरिडोर और स्मार्ट सिटी जैसी योजनाओं के लिए यह फंड अहम साबित होगा। 

कुल केंद्रीय राज्यांश में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 17.61 प्रतिशत रही है। इसके अलावा स्पेशल कैपिटल असिस्टेंस फार स्टेट स्कीम के तहत मिलने वाले फंड में 20 हजार करोड़ आएंगे। पिछले वर्ष 18 हजार करोड़ रुपये मिले थे। इस स्कीम के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि ब्याजमुक्त होती है, जिसकी वापसी का समय 50 वर्ष है। बजट में महिलाओं, युवाओं और छोटे उद्यमियों को खास ध्यान रखा गया है। ये बजट राज्य को 10 खरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *