केजीएमयू में महिला रेजिडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोपी डॉक्टर रमीज के कनेक्शन प्रतिबंधित संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) से मिले हैं। इस संस्था का संचालक डॉ. जाकिर नाइक विदेश में कहीं छिपा है। यह संस्था धर्मातरण कराती थी, जिसके कारण उसे प्रतिबंधित कर दिया गया था।
डॉ. नाइक सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को धर्मांतरण के लिए उकसाता है। महाराष्ट्र में नाइक ने बड़ी संख्या में धर्मांतरण कराए थे। इसके लिए लोगों को मोटी रकम भी दी गई थी। माना जा रहा है कि डॉ. नाइक के करीबी आरोपी डॉक्टर को शरण दे रहे हैं। डॉ. नाइक विवादित बयानों के लिए भी जाना जाता है। सूत्रों का कहना है कि इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन ने करीब 800 लोगों का धर्मांतरण कराया था।
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मुंबई पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था। डॉ. नाइक का नाम सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। डॉ. रमीज के कनेक्शन की छानबीन की जा रही है। डॉ. नाइक भारत में वांटेड है, उस पर विदेशी फंडिंग और अवैध गत्तिविधियों के भी आरोप हैं।
एक ही मकसद, कट्टरपंथ को बढ़ावा: छानबीन में सामने आया है कि डॉ. रमीज कट्टरपंथ को बढ़ावा देना चाहता था। वह छांगुर के साथ-साथ डॉ. नाइक से भी प्रभावित था। आरोपी के मोबाइल फोन और लैपटॉप मिलने के के बाद पुलिस उसके सोशल मीडिया कनेक्शन की छानबीन करेगी। संस्था का मकसद युवाओं के बीच चरमपंथी और कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देना था।
