Muzaffarnagar। शहर में कैमरा रेंटल के नाम पर हुई सुनियोजित चोरी का पर्दाफाश करते हुए थाना नई मंडी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया कैमरा, गिम्बल सेट और अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मामले में विधिक कार्रवाई तेज कर दी है।


🔴 व्हाट्सएप पर बुकिंग, फिर लोकेशन बदलने का खेल

दिल्ली के गौतम नगर निवासी सन्दीप गुप्ता, जो “कैमोरेन्ट” नामक कैमरा रेंटल फर्म संचालित करते हैं, ने 21 फरवरी को थाना नई मंडी में शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार 12 फरवरी को व्हाट्सएप के माध्यम से विवेक शर्मा नामक व्यक्ति ने कैमरा किराये पर लेने के लिए संपर्क किया।

अगले दिन कंपनी का असिस्टेंट रोहन नोएडा सेक्टर-62 में बताए गए पते पर कैमरा, गिम्बल सेट और अन्य उपकरण लेकर पहुंचा। वहां तीन युवक मौजूद थे। उन्होंने शूट की लोकेशन बदलने का बहाना बनाकर रोहन को अपनी गाड़ी में बैठा लिया।


🔴 जानसठ फ्लाईओवर के पास वारदात

मुजफ्फरनगर पहुंचने के बाद जानसठ फ्लाईओवर के पास रोहन जब शौच के लिए वाहन से उतरा, तभी तीनों आरोपी कैमरा और उपकरणों का बैग लेकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना नई मंडी में मु0अ0सं0 82/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।


🔴 सुरागरसी के बाद भोपा फ्लाईओवर से गिरफ्तारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर भोपा फ्लाईओवर के पास दबिश दी। पुलिस ने विपिन, सनी और हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान चोरी गया कैमरा व गिम्बल सेट बरामद हुआ।


🔴 पूछताछ में कबूली साजिश

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे वीडियोग्राफी का काम करते हैं। कैमरा किराये पर लेने के बाद मुजफ्फरनगर पहुंचकर उनके मन में लालच आ गया और मौका देखकर उपकरण लेकर भाग निकले। पुलिस का कहना है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।


🔴 पुलिस टीम की सक्रियता

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक संदीप सिंह धारीवाल, शुभम चौहान, वीरपला सिंह, कांस्टेबल पंकज शर्मा, रोहित कुमार और मुनेश कुमार शामिल रहे। लगातार निगरानी और तकनीकी विश्लेषण से मामले का शीघ्र खुलासा संभव हुआ।


🔴 ऑनलाइन रेंटल में सतर्कता की जरूरत

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन रेंटल लेन-देन में पहचान सत्यापन और लिखित अनुबंध की प्रक्रिया अपनाएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।


नई मंडी पुलिस की त्वरित कार्रवाई से न केवल चोरी का सामान बरामद हुआ, बल्कि यह भी स्पष्ट हुआ कि तकनीक और समन्वित प्रयासों से जटिल अपराधों का खुलासा संभव है। कानून से बचने की कोशिश करने वाले आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *