
अछनेरा-किरावली मार्ग पर नई कॉलोनी बसाने के लिए रातोंरात पेड़ों पर आरी चला दी गई। पीपल, बेर, नीम के 25 पेड़ काट दिए गए। वन विभाग और तहसील प्रशासन को इसकी भनक भी नहीं लगी। सोमवार को जानकारी पर वन विभाग की टीम पहुंची। पेड़ काटने के मामले में रेंजर ने तहरीर दी। इस पर थाना अछनेरा में काॅलोनाइजर सहित 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अछनेरा से किरावली रोड स्थित जमीन पर नई कॉलोनी बनाने की तैयारी चल रही है। कॉलोनाइजर गंगाधर सिंह कुशवाहा हैं। बताया गया कि एक पार्टी से जुड़े हैं। जमीन पर प्लाॅट काटने के लिए 28 नवंबर से पेड़ काटे जा रहे थे। बुलडोजर से पेड़ों को हटाया जा रहा था। मजदूर आरी और कुल्हाड़ी चला रहे थे। 50 से 60 वर्ष पुराने शीशम, पीपल, नीम, बेर के पेड़ों को काट डाला गया। सीमेंट की बाउंड्री खड़ी कर दी गई।
इसी मार्ग से अधिकारी रोजाना गुजरते भी हैं, फिर भी किसी को ऐसा होते नहीं दिखा। लोगों का मानना है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो पेड़ों के काटे जाने के सुबूत भी मिटाए जा सकते हैं। वन रेंजर किरावली अभिषेक चंद्र उपाध्याय ने बताया काटे गए पेड़ों की संख्या 25 से अधिक है। थाना अछनेरा के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि नगला लालदास निवासी राकेश, काका, लाल सिंह, गंगाधर सिंह कुशवाहा और भूपेंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
बिना नक्शा, एनओसी बेच रहे प्लाॅट
बिना आवंटन कॉलोनी में प्लाॅट भी काटे जा रहे हैं। इसका रेट 15 हजार रुपये वर्ग गज के पार जा चुका है। इस जमीन पर काॅलोनी बनाने के लिए नगर पालिका समेत अन्य विभागों ने एनओसी नहीं दी है। तहसील प्रशासन ने नक्शा भी स्वीकृत नहीं किया है।
काटे गए पेड़ों की संख्या अधिक
ग्रामीणों का कहना है कि काॅलोनी को बसाने के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों को काटा गया है। इसके निशान भी मौजूद हैं। मगर, तहरीर में 25 पेड़ ही दिखाए गए हैं। लोग पेड़ काटने के निशान भी दिखा रहे हैं। इसके वीडियो भी हैं।
पहले भी काटे जा चुके हरे पेड़
– करीब दो माह पहले मथुरा-वृंदावन रोड पर डालमिया फार्म हाउस में करीब 454 हरे पेड़ काट दिए गए थे। इस मामले में वन, बिजली, प्राधिकरण और नगर निगम ने जैत थाने में केस दर्ज कराया था।
– करीब डेढ़ माह पहले दयालबाग आगरा स्थित एक फार्म हाउस में 100 से अधिक हरे पेड़ काट दिए गए थे। इस मामले में न्यू आगरा थाने में केस दर्ज कराया गया था। हालांकि किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई।
