
मेडिकल में घायल महिला इशरत के तीमारदार
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अलीगढ़ महानगर के ऊपरकोट कोतवाली के मुंशियाने में 8 दिसंबर दोपहर गोली लगने से जख्मी महिला की हालत नाजुक बनी हुई है। इस गोलीकांड के आरोपी दरोगा की तलाश में पुलिस की टीमें पश्चिमी यूपी के कई जिलों में दबिश दे रही हैं। प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी तरह से दरोगा को गिरफ्तार किया जाए। साथ में गैर जमानती वारंट के लिए भी न्यायालय में आवेदन किया गया है। डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच का आदेश जारी करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को जांच का जिम्मा सौंपा है।
फरार दरोगा की तलाश पश्चिमी यूपी में
दरोगा की गिरफ्तारी के लिए दो टीमों को लगाया गया है। जो दरोगा के छिपने के संभावित ठिकाने आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, एनसीआर आदि में लगातार दबिश दे रही हैं। हालांकि शुरुआत में सूचना थी कि दरोगा यहां चौकी परिसर में ही बेटी व पत्नी के साथ रह रहा था। मगर इसकी पुष्टि नहीं हुई। दरोगा के परिवार के मेरठ में होने की पुष्टि हो रही है। इस लिहाज से पुलिस टीमें संभावित ठिकानों, रिश्तेदारियों तक में दबिश दे रही हैं। लगातार गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं थाना स्तर से न्यायालय में गैर जमानती वारंट का आवेदन किया गया है।
एक सप्ताह में मांगी मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट
इस प्रकरण में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जिला मजिस्ट्रेट इंद्र विक्रम सिंह से घटना की मजिस्ट्रीयल जांच के लिए अनुरोध किया था। जिस पर जिला मजिस्ट्रेट ने नगर मजिस्ट्रेट रामशंकर को नामित करते हुए निर्देशित किया है कि वह अपनी मजिस्ट्रीयल जांच एक सप्ताह में पूरी कर उसकी रिपोर्ट दें।

माथे को चीरते हुए निकली .9 एमएम की गोली, महिला कोमा में
दरोगा की लापरवाही से .9 एमएम सर्विस पिस्टल से चली गोली महिला का माथा चीरते हुए निकल गई। पुलिस व बेलेस्टिक की अब तक की जांच में ये बात उजागर हुई है। महिला फिलहाल कोमा में है। मगर उसे सुबह हल्का होश आया था, जिसके चलते आंशिक सुधार होना माना जा रहा है। दिन में परिवार से दो यूनिट ब्लड भी मांगा गया था। डॉक्टर अभी हालात को देखते हुए इंतजार के मूड में हैं। मगर परिवार अब यहां के उपचार से सतुष्ट नहीं है। वह महिला को दिल्ली आदि किसी हायर सेंटर पर ले जाने का मन बना रहा है।
महिला माथे में गोली लगने से जख्मी है। अब तक की जांच के अनुसार महिला के दिमाग का आधा हिस्सा व उसी साइड का आधार शरीर बिल्कुल काम नहीं कर रहा। उसी वजह से महिला कोमा में है। सबसे अच्छी बात ये है कि गोली आरपार निकल गई। अगर फंसी होती तो शायद ज्यादा चिंता का विषय होता। हालांकि सुबह महिला के शरीर ने कुछ होश जैसी स्थिति में रिएक्शन किया था। मगर उसके बाद से स्थिर है। इसे डॉक्टर अच्छे संकेत मान रहे हैं। मगर उसके बाद डॉक्टरों ने दो यूनिट ब्लड परिवार से मांगा। फिर इंतजार करने की स्थिति में पहुंच गए। चकित्सकों की विशेष टीम उनका उपचार में लगी है, जिसमें न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेँट, मेडिसिन डिपार्टमेंट, सर्जरी डिपार्टमेंट समेत कई महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हैं। चिकित्सकों की मानें तो उनके शरीर का एक हिस्सा पूरी तरह सुन्न है। लेकिन प्रयास किया जा रहा है कि पूरा शरीर जल्द ही मूवमेंट करने लगे। दिन में कई बार सिटी स्कैन भी कराया गया। मगर कोई हालात न बदलने पर कोमा माना जा रहा है।
