फतेहपुर। दिवाली की तैयारियों में जुटे लोगों से शनिवार को भी बाजार गुलजार रहा। लगभग हर दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। रविवार को शाम 5:20 बजे से दिवाली पूजन का शुभ मुहूर्त शुरू होगा, जो शाम 7:20 तक रहेगा। इस मुहूर्त में लक्ष्मी, गणेश और कुबेर का पूजन करना सबसे उत्तम है। क्योंकि इस बीच स्थिर लग्न है। मंत्र साधना का मुहूर्त रात 11.50 बजे से मध्यरात्रि बाद दो बजे तक रहेगा।

ज्योतिषाचार्य दुर्गादत्त शास्त्री के मुताबिक, लक्ष्मी, गणेश और कुबेर का पूजन सामर्थ्य के अनुसार प्रत्येक गृहस्थ को करना चाहिए। वृष स्थिर लग्न है। लक्ष्मी, गणेश और कुबेर का पूजन इसमें अति शुभ माना जाता है। यह स्थिर लग्न होता है। ऐसे में शाम 5:20 से शाम 7:30 बजे के मध्य पूजन करने से लक्ष्मी स्थिर रहेंगी। दिवाली के दिन 13 दीपक धनेतरस, 14 दीपक नरक चतुर्दशी और कम से कम 21 दीपक दिवाली को अवश्य जलाएं। अगर संभव हो तो 108 दीपक जलाना चाहिए।

वहीं, दिवाली के एक दिन पहले शनिवार को भी बाजारों में खासी भीड़ रही। लाइया, गट्टा, पट्टी खरीदने के लिए दुकानों में ग्राहकों की लाइनें लगी रहीं। लइया 60 रुपये किलो और गट्टा पट्टी 80 रुपये किलो रही। धान के लावा 30 रुपये के 250 ग्राम और मक्का के लावा 40 रुपये के 250 ग्राम बिके। वहीं, मिठाई दुकानों में भी जमकर खरीदारी हुई। बर्तन बाजार का रौनक शनिवार को भी खरीदारों से गुलजार रहा। दिवाली में अपने घरों को जगमग करने के लिए लोगों ने आकर्षक झालरों की खरीदारी की। कई लाइट वाली झालर की खास मांग रही। कपड़ा बाजार में भी रौनक दिखी। पर्व में पुरुषों और बच्चों की पोशाक कुर्ता-पैजामा, धोती-कुर्ता की बिक्री अधिक हुई। वहीं महिलाओं की ज्यादा रूचि जरी और बनारसी साड़ी में दिखी।

पूजन सामग्री

कमल के फूल या कमल गट्टे की माला, अनार, कैथा, केला, गन्ना, सिघांडा और कुबेर भगवान के भोग के लिए धनियां और गुड़।

आराधना मंत्र

लक्ष्मीजी का मंत्र: ओम श्री सियै नम:।

गणेशजी का मंत्र: गं गणपतैय नम:।

कुबेरजी का मंत्र: कुबेराय नम:।

इन मंत्रों का कम से कम 109 बार जाप करें।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें