खाड़ी देशों में चल रही जंग का कारोबार पर भी असर दिख रहा है। 1000 कंटेनर फंसे हुए हैं, तो नए ऑर्डर स्थगित हो गए हैं। ड्राईफ्रूट और अन्य सामान भी महंगे हो गए हैं। कारोबारियों का मानना है कि युद्ध लंबा खिंचा तो स्थिति और विकराल हो सकती है।
खाड़ी देशों में चल रही जंग का कारोबार पर भी असर दिख रहा है। 1000 कंटेनर फंसे हुए हैं, तो नए ऑर्डर स्थगित हो गए हैं। ड्राईफ्रूट और अन्य सामान भी महंगे हो गए हैं। कारोबारियों का मानना है कि युद्ध लंबा खिंचा तो स्थिति और विकराल हो सकती है।
द आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा ने बताया कि आगरा से करीब 2500 करोड़ रुपये का खाड़ी और यूरोप देशों में जूतों का निर्यात होता है। बहरीन, कतर, कुवैत, यूएई और सऊदी अरब में भी भारी मात्रा में जूते भेजे जाते हैं। युद्ध के कारण जूतों के 700 कंटेनर से लदे जहाज बीच रास्ते में ही फंसे हुए हैं, तो 250 से अधिक कंटेनर मुंबई बंदरगाह और ट्रांसपोर्ट कंपनियों के गोदाम में रखे हुए हैं। नए ऑर्डर भी स्थगित हो गए हैं। फैक्टरी में भी जूतों का निर्माण कार्य कम कर दिया गया है। कोषाध्यक्ष दिलप्रीत सिंह सचदेवा ने बताया कि ईद को देखते हुए 50 फीसदी माल ज्यादा भेजते हैं। ये रास्ते में फंसे हुए हैं। सरकार से उम्मीद है, इसका समाधान निकालेगी।