Khan Mubarak: The screws tightened with the change of power

माफिया खान मुबारक।
– फोटो : amar ujala

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सूबे में सत्ता परिवर्तन के साथ ही माफिया खान मुबारक के साम्राज्य की उल्टी गिनती शुरू हो गई। हालांकि बेखौफ माफिया ने इसके बाद भी रंगदारी आदि की कई घटनाओं को अंजाम दिया लेकिन उसके साम्राज्य को ध्वस्त करने की कोशिशें भी तेजी से होती रहीं। इसका असर यह हुआ कि करोड़ों रुपये की उसकी अचल संपत्ति को या तो जमींदोज कर दिया गया या फिर कुर्क कर लिया गया।

माफिया खान मुबारक ने वर्ष 2012 से 2017 तक अंबेडकरनगर जिले में हददर्जें तक रंगदारी, भूमि कब्जे तथा हत्या व जानलेवा हमले की घटनाओं को खूब अंजाम दिया। यह वह दौर था जब उसके अपराध की यहां तूती बोल रही थी। पुुलिस प्रशासन भी रस्मी कार्रवाई तक ही सीमित था। इसके बाद सूबे में सत्ता का परिवर्तन हुआ। माफिया खान मुबारक ने इसके बाद भी अपराध का दौर कम नहीं किया।

जेल भेज जाने के बाद भी उसने रंगदारी मांगने का दुस्साहस जारी रखा। सरकार बदलने के बाद उसे भले ही कोई फर्क नहीं पड़ा लेकिन उस पर अंकुश लगाने की मुहिम तेजी से शुरू हुई। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार मिश्र व आलोक प्रियदर्शी के दौर में माफिया के विरुद्ध ज्यादा बड़ी कार्रवाई हुई। करोड़ों रुपये की उसकी जमीन कुर्क कर ली गई। हंसवर व अन्य क्षेत्रों में बने घरों व प्रतिष्ठानों को ध्वस्त कर दिया गया। लखनऊ में एक आलीशान फ्लैट भी पुलिस ने कुर्क कर लिया। उसके गुर्गों पर शिकंजा कसने के साथ साथ उनकी भी संपत्तियों को या तो कुर्क किया गया या फिर जमींदोज कर दिया गया। माफिया व उसके गुर्गों पर पिछले तीन चार वर्षों के दौरान खूब शिकंजा कसा गया। वर्ष 2018 से जेल में बंद माफिया खान मुबारक इन दिनों हरदोई जेल में बंद था।



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