रोडवेज की बसें इन दिनों मेंटेनेंस व्यवस्था की सुस्ती और संचालन न होने से खुद ही विभाग के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही हैं। एक ओर यात्रियों को बसों में सीट तक नहीं मिल रही, वहीं दूसरी ओर कई बसें महीनों से वर्कशॉप में खड़ी होकर राजस्व का नुकसान करा रही हैं। मेंटेनेंस के नाम पर खड़ी बसों को लेकर यह भी चर्चा है कि बस चालक और परिचालक नई बसों को लेकर जाना अधिक पसंद कर रहे हैं, जबकि पुरानी बसों में लगातार तकनीकी खामियां आने के कारण उन्हें वर्कशॉप में खड़ा कर दिया जाता है। पुरानी बसों में इंजन, ब्रेक, गियर, एयर बॉक्स जैसी समस्याएं आम हो गई हैं, जिससे उनका संचालन प्रभावित हो रहा है। इन बसों का रोडवेज को हर महीने हजारों रुपये टैक्स भरना पड़ रहा है।
