
pension scheme
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पुरानी पेंशन बहाली को लेकर मंगलवार को राजधानी में लाखों की संख्या में कर्मचारी जुटेंगे। चारबाग रेलवे स्टेडियम में होने वाली हुंकार महारैली में पुरानी पेंशन योजना बहाली संयुक्त मंच के नेतृत्व में कर्मचारी अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
इस बाबत सोमवार को चारबाग स्टेशन पर नादर्न रेलवे मेंस यूनियन के दफ्तर में हुए प्रेसवार्ता में जानकारी दी गई। संयुक्त मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार पर पुरानी पेंशन बहाली को लेकर दबाव बनाया जाएगा। इस हुंकार रैली में रेलवे के कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
मंच के राष्ट्रीय संयोजक व ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने बताया कि जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों के लिए न्यू पेंशन स्कीम एक छलावा है और जो भी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनके साथ अन्याय हो रहा है। सरकारी कर्मचारी 30 से 40 वर्ष की सेवा देकर स्वयं व आश्रितों को पेंशन के सहारे सामाजिक सुरक्षा का अधिकारी बनता था जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने भी उचित ठहराया था, लेकिन वर्तमान सरकार आर्थिक बोझ के नाम पर इससे बचना चाह रही हैं।
23 मार्च को वित्त मंत्री ने न्यू पेंशन स्कीम की समीक्षा के लिए एक समिति गठित किए जाने की घोषणा भी की थी और उसकी बैठक भी 9 जून को हो चुकी है, जिसमें उन्होंने न्यू पेंशन स्कीम को किसी भी स्थिति में स्वीकार करने से इनकार कर गारंटीड पेंशन की मांग की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवगोपाल मिश्रा ने कहा कि अब तक आठ राज्यों में पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली हो चुकी है चार और राज्य जल्द ही पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की तैयारी कर रहे हैं। हिमाचल और कर्नाटक में हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत के बाद अब सरकार को भी लगने लगा है कि पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करना ही विकल्प है।
ऐसे में हमें पूरी उम्मीद है कि सभी राज्य में पुरानी पेंशन स्कीम बहाल हो जाएगी। अगर सरकार पुरानी पेंशन बहाली लागू नहीं करती है तो रेल कर्मचारी 1974 के बाद रेल हड़ताल करने को भी तैयार होंगे। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद व उससे जुडी यूनियन एवं एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में पेंशन रथयात्रा निकाल चुके हैं।
