भक्ति और श्रद्धा के साथ गांव धाधऊ से शुरू हुई तीर्थ यात्रा का अंत इतना दर्दनाक होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। जबलपुर स्थित आश्रम से दर्शन कर जगन्नाथ पुरी ओडिशा तक की 1600 किलोमीटर लंबी यात्रा पूरी कर लौट रहे गांव के श्रद्धालुओं के साथ घर से महज 27 किलोमीटर पहले भीषण हादसा हो गया। इस सड़क दुर्घटना में पांच श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

Trending Videos

प्राचीन हनुमान मंदिर व पवित्र गुफा से शुरू की थी यात्रा

गांव धाधऊ में एक प्राचीन हनुमान मंदिर है, यहीं पर पवित्र गुफा भी है, जहां गुरु भगवतानंद दास की गद्दी है। उनके ब्रह्मलीन होने के बाद दो साल से उनके शिष्य महंत फिन्टरदास गद्दी पर बैठे हैं। गांव धाधऊ के साथ गांव नगला मनी व आसपास के गांवों के लोगों में इस गुफा के प्रति अटूट श्रद्धा है। मूल रूप से जबलपुर मध्य प्रदेश के रहने वाले महंत फिन्टरदास को वहां हो रही श्रीमद्भागवत कथा का निमंत्रण आया था। जब इसकी जानकारी महंत से जुड़े श्रद्धालुओं को हुई थी तो उन्होंने भी साथ जाने की इच्छा जताई। श्रद्धालुओं ने जबलपुर और वहां से जगन्नाथ पुरी जाने की योजना बनाई। 20 जनवरी की सुबह गांव धाधऊ के सात व नगला मनी के एक व्यक्ति ने महंत के साथ यात्रा शुरू की थी।

यह भी पढ़ें … Agra Accident: चीत्कारों से गूंजा धाधऊ, एक साथ उठीं पांच अर्थियां, देख इस मंजर को हर आंख हुई नम, छाया मातम

स्वागत की तैयारियों के बीच पहुंची मौत की खबर

गुरुजी के प्रति अटूट श्रद्धा रखने वाले ग्रामीण उनके साथ जबलपुर आश्रम गए थे। वहां से जगन्नाथ पुरी और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए वापस लौट रहे थे। गांव में परिजन उनके आने का इंतजार कर रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार उनके स्वागत की तैयारियां कर रखी थीं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। गंतव्य से मात्र आधे घंटे की दूरी पर उनके वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें