
अयोध्या राम मंदिर
– फोटो : amar ujala
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रामनगरी देश के नौ प्रमुख शहरों में शामिल होगी। यहां विकसित हो रही नव्य अयोध्या योजना को नाइन सिटी चैलेंज प्रतियोगिता में भेजा गया है। इस योजना को प्रतियोगिता का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। यदि प्रतियोगिता में इस योजना को स्वीकृत किया जाता है तो केंद्र सरकार से अनुदान के रूप में एक हजार करोड़ मिलेंगे। इसके बाद योजना को आकार देने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस प्रतियोगिता का परिणाम अगले सप्ताह आने की संभावना है।
योजना की कार्यदायी संस्था आवास विकास विभाग के अधिशासी अभियंता ओपी पांडेय ने बताया कि कई महीनों के इंतजार के बाद अब इसके चयन को हरी झंडी मिलने का समय करीब आ गया है। 19 मई को इस प्रोजेक्ट को लेकर केंद्रीय आवास विकास विभाग में साक्षात्कार हुआ है और अब जैसे ही इस योजना को नौ चैलेंज सिटी में चयनित होने का आदेश मिलेगा, तेजी से काम शुरू हो जाएगा।
चैलेंज सिटी के मानक के अनुरूप नव्य अयोध्या का संशोधित प्रारूप भेजा गया है। इसके बारे में कुछ जानकारी मांगी जा सकती है। बताया कि प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए योजना में 150 बिंदु और जोड़े गए थे। प्रतियोगिता के अधिकांश मानकों पर योजना खरी भी उतरती है, पूरी उम्मीद है कि हमारी योजना को स्वीकृति जरूर मिलेगी।
ओपी पांडेय ने बताया कि नौ सिटी चैलेंज प्रतियोगिता के तहत विभिन्न प्रांतों से चयनित नौ शहरों को अत्याधुनिक तरीके से विकसित करने के लिए केंद्र सरकार 1000 करोड़ का फंड आवंटित करेगी। नव्य अयोध्या में सड़कें, ड्रेनेज, पेयजल, पाइपलाइन व धार्मिक महत्व के कुंड सरोवरों आदि स्थलों को विकसित करने में शहरी एवं आवास विकास विभाग की गाइडलाइंस का पालन करना होगा।
पहले चरण के लिए 83.54 फीसदी जमीन का अधिग्रहण
आवास विकास परिषद की ओर से अयोध्या के उत्तर पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के दोनों तरफ 1407 एकड़ में ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित की जा रही है। 6286 करोड़ की लागत से प्रस्तावित नव्य अयोध्या योजना को दो चरणों व छह क्षेत्रों में बांटा गया है। सरयू नदी से सटे तीन गांवों शाहनेवाजपुर मांझा, मांझा बरहटा व तिहुरा मांझा की जमीन पर यह योजना आकार लेने वाली है। पहले चरण के लिए 83.54 फीसदी जमीन का अधिग्रहण भी हो चुका है।
नव्य अयोध्या में बसेगी दो लाख आबादी
ओपी पांडेय ने बताया कि नव्य अयोध्या में दो लाख की आबादी बसेगी। यहां 1.20 लाख की आबादी स्थायी आबादी व लगभग 80 हजार अस्थायी आबादी के निवास की व्यवस्था होगी। नव्य अयोध्या में सभी जरूरी सुविधाएं आसपास ही उपलब्ध होंगी।
