Charthawal hospital inspection के तहत स्वास्थ्य विभाग ने कस्बे में सख्त रुख अपनाते हुए अवैध और मानकविहीन चिकित्सा संस्थानों पर शिकंजा कस दिया है। Muzaffarnagar जनपद के चरथावल में एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. विपिन के नेतृत्व में बुधवार को अस्पतालों और नर्सिंग होम्स पर औचक छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र के निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया।
🔴 शासन के निर्देश पर चला सघन अभियान
Charthawal hospital inspection अभियान शासन के स्पष्ट निर्देशों के तहत चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और अवैध रूप से संचालित चिकित्सा संस्थानों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। स्वास्थ्य विभाग की टीम बिना पूर्व सूचना के कस्बे के विभिन्न निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स में पहुंची, जिससे कई संचालक अचानक हुई जांच से सकते में आ गए।
🔴 पंजीकरण से लेकर ओटी तक की हुई गहन जांच
छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पतालों के पंजीकरण प्रमाणपत्र, चिकित्सकों की शैक्षणिक डिग्री, पैरामेडिकल स्टाफ का विवरण, दवाइयों का स्टॉक, ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था, आपातकालीन सेवाएं, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और मरीजों के रिकॉर्ड सहित तमाम आवश्यक अभिलेखों की बारीकी से जांच की।
Charthawal hospital inspection के दौरान यह विशेष रूप से देखा गया कि कहीं कोई अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के तो संचालित नहीं हो रहा और क्या मरीजों के इलाज में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
🔴 दस्तावेजों में कमी मिलने पर सख्त निर्देश
जांच के दौरान कुछ अस्पतालों में जरूरी दस्तावेजों की कमी पाई गई। कहीं चिकित्सकों की डिग्रियों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध नहीं थीं तो कहीं स्टाफ से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया जा सका। ऐसे मामलों में एसीएमओ डॉ. विपिन ने संबंधित अस्पताल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक कागजात उपलब्ध कराएं।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🔴 मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
Charthawal hospital inspection के दौरान एसीएमओ डॉ. विपिन ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अस्पताल को बिना मानकों के संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी संस्थान द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें पंजीकरण निरस्त करना और कानूनी कदम शामिल हैं।
🔴 अवैध नर्सिंग होम्स पर कसता शिकंजा
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को Charathawal hospital inspection के तहत अवैध और मानकविहीन नर्सिंग होम्स पर बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी संस्थान बिना पूरी सुविधाओं और प्रशिक्षित स्टाफ के मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जो गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
इस अभियान ने ऐसे संस्थानों को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब लापरवाही और मनमानी नहीं चलेगी।
🔴 अस्पताल संचालकों में दिखी सतर्कता
छापेमारी के बाद क्षेत्र के अस्पताल संचालकों में सतर्कता साफ नजर आई। कई संचालक तुरंत अपने दस्तावेज दुरुस्त करने और मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुट गए। Charathawal hospital inspection ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य विभाग अब केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मौके पर जाकर सख्त कार्रवाई करेगा।
🔴 आमजन ने किया कार्रवाई का स्वागत
स्थानीय नागरिकों ने Charathawal hospital inspection अभियान का स्वागत करते हुए इसे जनहित में जरूरी कदम बताया। लोगों का कहना है कि इस तरह की जांच से फर्जी और अव्यवस्थित अस्पतालों पर रोक लगेगी और मरीजों को सुरक्षित व बेहतर इलाज मिल सकेगा।
🔴 आगे भी जारी रहेंगी औचक जांचें
एसीएमओ डॉ. विपिन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान यहीं समाप्त नहीं होगा। क्षेत्र में अवैध और मानकविहीन अस्पतालों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए इस तरह की औचक जांचें आगे भी लगातार जारी रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि चरथावल क्षेत्र में हर मरीज को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके।
चरथावल में अस्पतालों पर की गई यह सख्त कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है। एसीएमओ डॉ. विपिन के नेतृत्व में हुए इस औचक निरीक्षण ने साफ कर दिया है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले मानकविहीन अस्पतालों के लिए अब कोई जगह नहीं है, और जनहित में ऐसे अभियान आगे भी पूरे दमखम के साथ चलते रहेंगे।
