Charthawal police encounter cattle theft की इस सनसनीखेज कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। Muzaffarnagar जनपद के चरथावल थाना क्षेत्र में देर रात चली इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने पशु चोरी में सक्रिय एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की। गोलीबारी के बीच एक बदमाश घायल अवस्था में गिरफ्तार हुआ, उसका एक साथी दबोच लिया गया, जबकि तीसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है, जब ग्रामीण इलाकों में पशु चोरी की बढ़ती घटनाओं से किसानों और पशुपालकों में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही थी। पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई को स्थानीय लोग राहत की नजर से देख रहे हैं।
🔴 रात का ऑपरेशन: सघन कॉम्बिंग अभियान में आमना-सामना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम रात करीब 10 बजे उस समय शुरू हुआ, जब चरथावल थाना पुलिस इलाके में सघन कॉम्बिंग अभियान चला रही थी। सूचना मिली थी कि पशु चोरी करने वाला एक गिरोह आसपास के गांवों में सक्रिय है और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
जैसे ही पुलिस टीम संदिग्ध इलाके में पहुंची, उन्हें तीन संदिग्ध युवक दिखाई दिए। खुद को घिरता देख बदमाशों ने अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। हालात को भांपते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
🔴 गोली लगने से घायल हुआ इनाम, अस्पताल में भर्ती
Charthawal police encounter cattle theft के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। उसकी पहचान इनाम पुत्र शरीफ, निवासी ग्राम सिंधावली, थाना मंसूरपुर, जनपद मुजफ्फरनगर के रूप में हुई।
घायल बदमाश को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में रखा। पुलिस के अनुसार, इनाम पर पहले से भी पशु चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े कई आरोप दर्ज होने की जानकारी सामने आ रही है।
🔴 दूसरा आरोपी भी गिरफ्त में, तीसरा फरार
मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने गिरोह के दूसरे सदस्य शाहनूर पुत्र रज्जाउल्ला को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया। शाहनूर मूल रूप से थाना मीरापुर क्षेत्र के चूड़ियाला गांव का रहने वाला है, लेकिन फिलहाल वह कोतवाली नगर क्षेत्र के न्याजूपुरा में रह रहा था।
हालांकि गिरोह का तीसरा सदस्य मोहम्मद आमिल पुत्र मोहम्मद आमिर, निवासी ग्राम घंडी सरवट पचेंडा रोड, अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही हैं और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
🔴 पशु चोरी गिरोह का नेटवर्क और इलाके में दहशत
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में सक्रिय था और रात के समय पशु चोरी कर उन्हें दूसरे जिलों में बेचने का नेटवर्क चला रहा था। किसानों और पशुपालकों के लिए यह गिरोह सिरदर्द बना हुआ था, क्योंकि चोरी की घटनाओं से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा था।
Charthawal police encounter cattle theft की इस कार्रवाई को पुलिस इस गिरोह के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद और भी नाम सामने आ सकते हैं।
🔴 पुलिस टीम की भूमिका और रणनीति
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह, मंगत त्यागी, हेड कांस्टेबल अजीत सिंह, सुशील, कांस्टेबल राहुल गिरी, राजेश, और मनोज शर्मा शामिल रहे। इन सभी ने रात के अंधेरे और जोखिम भरे हालात में संयम और रणनीति के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयों से अपराधियों में डर पैदा होता है और आम नागरिकों का पुलिस पर भरोसा मजबूत होता है।
🔴 ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: राहत और संतोष
मुठभेड़ की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में चर्चा का माहौल बन गया। कई ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय बाद उन्हें पशु चोरी से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
Charthawal police encounter cattle theft के बाद स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर इसी तरह नियमित गश्त और सख्त कार्रवाई होती रही, तो अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और गांवों में सुरक्षा का माहौल बनेगा।
🔴 आगे की कार्रवाई और पुलिस का संदेश
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर उसे पकड़कर कानून के कटघरे में लाया जाएगा। साथ ही, पशु चोरी से जुड़े पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए तकनीकी और खुफिया इनपुट का सहारा लिया जा रहा है।
Charthawal police encounter cattle theft को लेकर पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
चरथावल में हुई यह मुठभेड़ केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के प्रति प्रशासन की सख्त प्रतिबद्धता का संकेत है। पशु चोरी जैसे अपराधों पर लगाम कसने की इस पहल से न सिर्फ किसानों में भरोसा मजबूत हुआ है, बल्कि अपराधियों को भी यह स्पष्ट संदेश मिला है कि कानून से बच पाना आसान नहीं होगा।
