
सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : अमर उजाला
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छात्रवृत्ति घोटाले में हाईजिया ग्रुप के चेयरमैन सईद इशरत हुसैन जाफरी उर्फ लकी जाफरी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लुकआउट सर्कुलर जारी करने की तैयारी में है, ताकि उसे देश भर में तलाशने की कवायद शुरू की जा सके। ईडी के कई बार समन देने के बावजूद लकी जाफरी जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हो रहा है।
उसकी पत्नी रचना उर्फ सारा भी जांच में सहयोग नहीं कर रही है। सूत्रों की मानें तो रचना के बैंक खातों में तमाम संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं, इस वजह से उसे भी घोटाले में आरोपी बनाया जाएगा। बताते चलें कि राजधानी स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत के जज अजय विक्रम सिंह ने लकी जाफरी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करने के साथ उसे जांच एजेंसी के सामने पेश होकर विवेचना में सहयोग करने का आदेश दिया था।
इसके बावजूद लकी जाफरी ईडी कार्यालय में पेश नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को लकी जाफरी को पेश होने के लिए समन देने के लिए जब ईडी के सदस्य उसके आवास पर पहुंचे, तो वहां मौजूद उसकी पत्नी रचना उर्फ सारा ने समन लेने से इन्कार कर दिया। उसने ईडी अफसरों को दबाव में लेने का प्रयास किया और अपने पति को बेगुनाह बताते हुए हंगामा करने लगी। इस पर ईडी अधिकारी समन चस्पा कर वापस आ गए।
तीन जिलों से जुटाते थे दिव्यांग, लकी जाफरी करता था संबोधित
जांच में सामने आया है कि छात्रवृत्ति को हड़पने के लिए हाइजिया के एजेंट लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज के गांवों में जाकर दिव्यांगों को चिन्हित करते थे। उनको मुफ्त पढ़ाने और 15 हजार रुपये सालाना छात्रवृत्ति का लालच देकर बसों से हाइजिया कॉलेज लाते थे। उनका हाईस्कूल का अंकपत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र और आधार कार्ड लेने के बाद कॉलेज में दाखिले समेत कई फार्म भरवाए जाते थे।
