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छात्रवृत्ति घोटाले के नामजद आरोपी हाइजिया ग्रुप के सईद इशरत हुसैन जाफरी को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। मेडिकल ग्राउंड पर उसको जमानत मिली। इशरत को आशंका थी कि ईडी या एसआईटी कभी भी उसको गिरफ्तार कर सकती है। इसलिए वह कोर्ट पहुंचा था। उससे कई दौर की पूछताछ भी हो चुकी है। साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।

ईडी ने करीब दो करोड़ रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला उजागर किया था। ईडी ने इसमें तीन आरोपियों हाइजिया ग्रुप के संचालक अली अब्बास जाफरी, इजहार हुसैन जाफरी और रवि प्रकाश गुप्ता को जेल भेजा था। ग्रुप से जुडे अन्य सदस्यों व फिनो बैंक के कर्मचारियों व एजेंट की भूमिका की जांच चल रही है। 

इस प्रकरण में 30 मार्च को हजरतगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इसमें भी इशरत आरोपी है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से अन्य आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। इशरत हाईकोर्ट पहुंचे। मेडिकल ग्राउंड के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की थी। विवेचना में सहयोग करने की बात कही। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने उसको अंतरिम जमानत दी।

सभी आरोपी संस्थानों को नोटिस

प्रकरण में एसआईटी भी तफ्तीश कर रही है। आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ करने का दौर जारी है। इस बीच ईडी ने भी हाइजिया के अलावा अन्य नामजद सभी दस संस्थानों के नामजद आरोपियों को नोटिस जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के बाद जिन जिन के खिलाफ मजबूत सुबूत होंगे, उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।



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