बाराबंकी के रामनगर कोतवाली इलाके के अमराई गांव में शुक्रवार देर शाम जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में घायल मौसेरे भाई की रविवार सुबह केजीएमयू में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के चार मौसेरे भाई के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर लिया है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस के अनुसार अमराई गांव में 25 साल पहले एक व्यक्ति ने गांव के ही विशाल व श्रीपाल को जमीन रहने के लिए दी थी। श्रीपाल पांच भाई हैं जिसमें चेतरात समेत तीन अमराई गांव के ठीक बगल पांडेय का पुरवा में रहते हैं। मिली हुई जमीन पर श्रीपाल व उनके भाई मकान बनवाकर रहने लगे थे। जबकि विशाल के हिस्से की जमीन खाली पड़ी है। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। आरोप है कि शुक्रवार शाम विशाल का पक्ष जमीन की जुताई कर रहा था। इस पर श्रीपाल ने आपत्ति जताई। हंगामे के दौरान पांडे का पुरवा में रहने वाले श्रीपाल के भाई चेतराम (45) भी आ गए। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए और मारपीट होने लगी।

आरोप है कि इस दौरान विनोद, गजोधर, विशाल, नरेंद्र ने चेतराम पर लाठी-डंडे से हमला कर घायल कर दिया। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। यहां से डॉक्टरों ने चेतराम को केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान रविवार सुबह चेतराम की मौत हो गई। सीओ गरिमा पंत ने बताया कि घटना के बाद हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसमें हत्या की धाराएं बढ़ाई जा रही है। तीन आरोपी विनोद, विशाल, नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एक दिन पहले ही बीमार पिता ने तोड़ा दम, परिजन बदहवास

मृतक चेतराम के 88 साल के पिता रामनाथ भी कई दिन से बीमार चल रहे थे। वह चेतराम के साथ पांडेय का पुरवा गांव में ही रहते थे। शुक्रवार शाम चेतराम को जब गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर ले जाया गया तो रामनाथ की हालत चिंताजनक थी। एक ओर चेतराम का इलाज जारी था और कई परिजन लखनऊ में थे। वहीं शनिवार दोपहर रामनाथ का निधन हो गया। रविवार सुबह पिता का अंतिम संस्कार किया गया। कुछ घंटे के अंतराल में ही पिता और पुत्र की अर्थियां उठीं, तो परिनों के साथ-साथ मौजूद ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं।



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