नशीले कफ सिरप सिंडिकेट के मुख्य आरोपियों में शामिल शुभम जायसवाल ने पश्चिम बंगाल के तस्करों को 500 रुपये में सिरप की एक बोतल बेची थी। उसने अपनी फर्म शैली ट्रेडर्स के जरिये 2.24 करोड़ बोतलें बांग्लादेश तस्करी के लिए दी थीं। इससे शुभम ने करीब 800 करोड़ की कमाई अर्जित की। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में यह खुलासा होने के बाद उसकी काली कमाई के सुराग तलाशने की कवायद तेज हो गई है।
अधिकारियों के मुताबिक शुभम ने फेंसेडिल कफ सिरप खरीदने के लिए एबॉट फॉर्मास्युटिकल्स कंपनी को 312 करोड़ का भुगतान किया था। यह रकम उसने थोक कारोबारियों से जुटाई थी। अधिकारियों को शक है कि करोड़ों की यह रकम शुभम को उसके किसी करीबी ने दी थी, जिनमें एक बाहुबली समेत कुछ राजनेता हो सकते हैं। जांच में पता चला कि शुभम को पश्चिम बंगाल के दो तस्करों से विभोर राणा और विशाल सिंह ने मिलवाया था। दोनों तस्करों का मेरठ के आसिफ से लिंक भी तलाशा जा रहा है।
ये भी पढ़ें – असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा: एक-एक अभ्यर्थी से 35-35 लाख रुपये में की थी डील, कई अधिकारी भी जांच के दायरे में
ये भी पढ़ें – यूपी चुनाव की तैयारी: भाजपा में पहले 14 जिलाध्यक्ष होंगे नियुक्त, फिर संगठन में फेरबदल, इसी महीने हो सकी है नियुक्ति
8 बैच नंबर के सिरप बरामद : एबॉट कंपनी द्वारा शैली ट्रेडर्स को बेचे गए आठ बैच के सिरप की खेप को पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बीते दिनों पकड़ा था। यह खेप रांची स्थित शैली ट्रेडर्स के गोदाम से सोनभद्र भेजने के दस्तावेज तैयार किए गए थे, जबकि पूरी खेप सीधे पश्चिम बंगाल भेज दी गई। अब बीएसएफ और एनसीबी से इस जानकारियां जुटाई जा रही है।