Muzaffarnagar के जानसठ क्षेत्र में देर रात पुलिस और एक कुख्यात इनामी बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। 20 हजार रुपये के इनामी अपराधी विकास उर्फ अटरिया को पुलिस ने घेराबंदी के बाद धर दबोचा, हालांकि इससे पहले उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर जान बचाने की कोशिश की।


🔴 देर रात मिली गुप्त सूचना, हरकत में आई पुलिस टीम

जानसठ थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह को देर रात एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि वांछित अपराधी विकास उर्फ अटरिया गढ़ी-नया गांव मार्ग पर एक सरकारी ट्यूबवेल के पास छिपा हुआ है। यह सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए टीम का गठन किया और पूरे इलाके की घेराबंदी की योजना बनाई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “जीरो टॉलरेंस” अभियान के तहत की गई, जिसका उद्देश्य लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना है।


🔴 घिरते ही बदमाश ने खोली फायरिंग, खेतों की ओर भागने की कोशिश

जैसे ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, खुद को चारों ओर से घिरा देख विकास उर्फ अटरिया ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बदमाश ने मौके से भागने के लिए पास के गन्ने के खेतों की ओर दौड़ लगा दी, लेकिन पुलिस टीम पहले से सतर्क थी।

पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। कुछ ही देर में एक गोली विकास के पैर में जा लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा और भागने में असफल रहा।


🔴 घायल हालत में गिरफ्तारी, अस्पताल में कराया गया भर्ती

गोली लगते ही पुलिस टीम ने तुरंत उसे हिरासत में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके पैर में गोली लगी है, लेकिन हालत स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मानवता के नाते घायल बदमाश को तुरंत चिकित्सा सुविधा दी गई, ताकि उसकी जान बचाई जा सके और आगे की कानूनी कार्रवाई सुचारु रूप से पूरी की जा सके।


🔴 अवैध हथियार और नकदी बरामद, लूट-चोरी से जुड़ा पैसा

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने विकास उर्फ अटरिया के पास से एक अवैध 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया। इसके अलावा उसके पास से 3,320 रुपये नकद भी मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, यह नकदी जानसठ और ककरौली क्षेत्र में हुई हालिया लूट और चोरी की घटनाओं से संबंधित बताई जा रही है। बरामदगी के बाद इन मामलों में भी पूछताछ और जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।


🔴 हिस्ट्रीशीटर अपराधी, 20 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विकास उर्फ अटरिया एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर और शामली जिले के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 20 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।

लंबे समय से फरार रहने के कारण उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। Jansath encounter के बाद उसकी गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन बड़ी सफलता मान रहा है।


🔴 ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम की सराहना

इस सफल मुठभेड़ और गिरफ्तारी को थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक दीपक कुमार, दीपक शर्मा और उनकी पूरी टीम ने अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से टीम की बहादुरी और सतर्कता की सराहना की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा होता है और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।


🔴 इलाके में बढ़ी सुरक्षा, जनता में राहत का माहौल

गिरफ्तारी के बाद जानसठ और आसपास के गांवों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास उर्फ अटरिया के नाम से इलाके में दहशत का माहौल था। उसकी गिरफ्तारी से लोगों ने राहत की सांस ली है।

व्यापारियों और ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए, ताकि क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाया जा सके।


🔴 “जीरो टॉलरेंस” नीति पर प्रशासन का जोर

पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की गई है। चाहे कितना भी बड़ा अपराधी क्यों न हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा।

Jansath encounter को इसी नीति का उदाहरण बताया जा रहा है, जिसमें समय पर सूचना, त्वरित कार्रवाई और टीमवर्क के जरिए एक इनामी बदमाश को पकड़ा गया।


जानसठ मुठभेड़ की यह घटना न केवल पुलिस की सक्रियता और साहस का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि अपराध के रास्ते पर चलने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। देर रात हुई इस कार्रवाई ने पूरे जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर एक नई उम्मीद जगाई है और आम नागरिकों के मन में यह भरोसा पैदा किया है कि पुलिस हर हाल में उनकी सुरक्षा के लिए खड़ी है।



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