रविवार दोपहर दिल्ली जाने के लिए झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती के सवार होने से पहले उनकी ट्रेन छूट गई, हालांकि चेन पुलिंग करके ट्रेन रोकी गई। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री उसमें सवार हो सकीं। उनकी वजह से चेन पुलिंग की घटना से विवाद शुरू हो गया है।
झांसी स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रविवार दोपहर पूर्व मंत्री उमा भारती ट्रेन के आने से पहले स्टेशन पहुंच गई थीं लेकिन, ट्रेन में सवार होने के बजाय वह कार्यकर्ता एवं पार्टी नेताओं से मिलती रहीं। इस बीच वह एक कुल्फी खाने लगीं। काफी देर तक कुल्फी खाती रहीं। मीडिया कर्मी उनका वीडियो बनाने लगे। यह देख पूर्व केंद्रीय मंत्री ने उनको मना भी किया। कार्यकर्ताओं ने ट्रेन छूटने का समय देख उनको चलने के लिए भी कहा लेकिन, उन्होंने कहा कि पहले कुल्फी खत्म कर लेने दो। कुल्फी खाते हुए वह ई-कार्ट में सवार होकर जब तक प्लेटफार्म तक पहुंचीं, पंजाब मेल रेंगने लगी। यह देख उनके साथ चल रहे अफसर हरकत में आ गए। ट्रेन के अगले हिस्से के यार्ड में पहुंचते-पहुंचते चेन खींच दी गई। करीब चार मिनट तक गाड़ी खड़ी रही। इस बीच उमा भारती को किसी तरह बी-वन (थर्ड एसी) कोच में बिठाया गया, जबकि उनका आरक्षण ए-वन (फर्स्ट एसी) कोच में था। फर्स्ट एसी कोच यार्ड में खड़ा था।
चार मिनट से देरी ट्रेन हुई रवाना
चेन पुलिंग होने के बाद किसी तरह वैक्यूम ठीक कर गाड़ी को करीब 2:27 बजे आगे रवाना किया जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोपहर 02:09 बजे पंजाब मेल प्लेटफार्म नंबर चार पर आ गई थी। यह ट्रेन करीब छह मिनट पहले पहुंची थी। पूर्व सीएम ई-कार्ट में बैठकर प्लेटफार्म नंबर चार के लिए रवाना हुईं। करीब 2:27 बजे ट्रेन आगे रवाना हो गई। यह देख मौके पर मौजूद अफसरों के भी हाथ-पांव फूल गए। ट्रेन कुछ ही दूर चल पाई थी कि उसे चेन पुलिंग करके रोक दिया गया। उमा भारती ई-कार्ट से प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंचीं। ट्रेन जब रुकी, उसके बाद भी उन्होंने मीडिया से बात की। चेन पुलिंग के सवाल पर बोलीं कि ट्रेन छूटने का समय दोपहर 02:23 बजे था। जब वह ई-कार्ट से प्लेटफार्म नंबर चार पर आ रही थीं तभी बीच रास्ते में सामने से एक ट्रेन निकलने पर पांच मिनट तक खड़े रहना पड़ा। फिर ई-कार्ट के सामने हाथ ठेला आ गया, इसलिए उनकी कोई गलती नहीं है। वहीं, रेल अफसर भी सांसत में फंस गए हैं। पूरे मामले की आंतरिक जांच कराई जा रही है।
अव्यवस्था पर फूटा उमा का गुस्सा, पोस्ट में लिखा- ट्रेन दो मिनट पहले रवाना हुई
एक्स पर रेल मंत्री को संबोधित पोस्ट में पूर्व सीएम उमा भारती ने लिखा कि उन्होंने पहले भी मथुरा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के प्रति संवेदनहीनता की बात लिखी है। आज (रविवार) फिर झांसी रेलवे स्टेशन पर चढ़ते हुए एक घटना हो गई। वह रेलवे स्टेशन पर ट्रेन आने के पहले आ गई थीं। यह ट्रेन निर्धारित समय से पहले झांसी आ गई और तय समय से पूर्व प्रस्थान कर गई। उन्हें बैटरी गाड़ी में बैठाकर प्लेटफार्म नंबर एक से चार की ओर ले जाया जा रहा था। जब वह प्लेटफार्म नंबर चार पर पहुंचीं तो पंजाब मेल ट्रेन जा रही थी। किसने चेन खींची, इसका अंदाजा नहीं है और उन्हें ट्रेन में बैठा दिया गया। उमा भारती ने लिखा कि आमजन, दिव्यांगजन, वृद्ध, स्त्री-पुरुष बहुत सारा सामान और गोद में बच्चे लिए महिलाएं अव्यवस्था का शिकार होती हैं। मैं झांसी के रेलवे अधिकारियों की बिल्कुल गलती नहीं मानती और अपनी भी नहीं मानती। यह पूरी की पूरी व्यवस्था रेल के अंदर रेल को संचालित करने वाले अधिकारियों द्वारा हुई। इन अव्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाए।
डीआरएम बोले- ट्रेन पहले तो आई लेकिन समय पर गई
डीआरएम अनिरुद्ध कुमार का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई गई। पंजाब मेल रविवार को झांसी स्टेशन पर समय से पहले आई तो थी लेकिन निर्धारित समय पर ही रवाना हुई। कई यात्री अपने सामान और पानी की बोतल के लिए प्लेटफार्म पर उतरे और गाड़ी चलने तक ट्रेन में नहीं चढ़ पाए। उन्हीं के चढ़ने के लिए किसी ने चेन पुलिंग की। स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के दौरान यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर कुल्फी खाती हुईं उमा भारती…
