महानगर में 12 हजार स्ट्रीट लाइटें जल तो रही हैं लेकिन इलाके को रोशन नहीं कर रही हैं। इसके अलावा, चार हजार पोल खाली पड़े हैं, जिनमें स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। ऐसे में रात होते ही कई गली-मोहल्लों में अंधेरा छा जाता है। पार्षद लगातार नगर निगम में नई लाइटें लगाने का प्रस्ताव दे रहे हैं।
मौजूदा समय में महानगर में 42 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें लगी हैं। पहले से लगी सोडियम लाइटों के स्थान पर 24,077 एलईडी लाइटें वर्ष 2017 में ईईएसएल की ओर से लगवाई गई थीं। इसके अलावा, नगर निगम की ओर से लगभग 18 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं। इनमें ही 12 हजार लाइटें लगभग आठ साल पुरानी हो जाने से कम रोशनी देने लगी हैं। वहीं, महानगर में नए-नए क्षेत्रों में प्लॉटिंग होने से मकान बनते जा रहे हैं। इनमें कहीं विद्युत विभाग के पोल लगे हुए हैं तो कहीं नगर निगम के लेकिन चार हजार ऐसे स्थान हैं, जहां स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। सबसे ज्यादा स्थिति पिछड़े वार्डों की खराब है, जहां कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें लगने की दरकार है। इसके अलावा कई जगहों पर लगाई गईं सोलर लाइटें भी महीने से खराब हैं।
करोड़ों की उधारी से लड़खड़ाई व्यवस्था
नगर निगम पर अभी भी 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की उधारी है। इस कारण निगम की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। गृहकर, विज्ञापन समेत कुछ ही ऐसे स्रोत हैं, जिससे नगर निगम को आय होती है। इनसे सड़क, नाला-नाली आदि के निर्माण पर पैसा खर्च किया जाता है। इसके अलावा, शासन की ओर से 15वें वित्त के तहत मिलने वाले बजट का अधिकांश पैसा देनदारी में ही खर्च हो रहा है। वहीं, लाइटों के जो प्रस्ताव बनते हैं, उनमें अधिकतर सुंदरीकरण संबंधी कार्य होते हैं। ऐसे में नई स्ट्रीट लाइटों पर ज्यादा फोकस नहीं हो पाता।
यह बोले पार्षद
बुद्ध विहार, आजादपुरा, गरियागांव में महाराणा प्रताप पार्क के पास कई स्ट्रीट लाइटें पीली पड़ गई हैं। इसके अलावा सेंट ज्यूड के पीछे, बुद्ध विहार, आंबेडकर कॉलोनी में पोल लगे होने के बावजूद स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। – हरिओम मिश्रा, वार्ड 15
वार्ड में लगी 12 से अधिक सोलर लाइटें छह महीने से खराब पड़ी हैं। इसमें लाइटें सिटी चर्च के पास लगवाई गई हाईमास्ट, गंदीगर का टपरा, कोतवाली स्थित राम मंदिर की सोलर लाइट शामिल है। इन्हें जल्द सुधरवाना चाहिए। – मुकेश सोनी, वार्ड 58
वार्ड की 35 स्ट्रीट लाइटें बहुत पुरानी हो जाने से धीमी रोशनी दे रही हैं। ऐसे में संबधित गली या मोहल्ले में रात में पर्याप्त उजाला नहीं हो पाता है। नर्सिंग राव टौरिया, झारखड़िया मोहल्ला, पंचकुुइयां मंदिर के पास नई स्ट्रीट लाइटों की जरूरत है।- अरविंद झा, वार्ड 56
राय कॉलोनी, खिरकपट्टी में मनोकामना मंदिर के पास लगी स्ट्रीट लाइटें काफी पुरानी हो जाने से पीली हो गई हैं। अब पहले जैसी रोशनी नहीं दे रही हैं। इसके अलावा मरई माता मंदिर, रामराजा-2 कॉलोनी में पोल होने के बावजूद स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। – अमित राय
अब बजट में सोलर सिटी बनाने की हुई घोषणा
प्रदेश सरकार के बजट में झांसी समेत यूपी की 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की घोषणा हुई है। ऐसे में खराब और खाली खंभाें पर भी सोलर स्ट्रीट लाइटें लगने की उम्मीद जग गई है।
खराब स्ट्रीट लाइटों की सूचना मिलते ही मार्ग प्रकाश विभाग की टीम मौके पर जाकर सुधारने का काम करती है। कई जगहों पर नई स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई गई हैं। आवश्यकतानुसार कुछ और नई स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई जाएंगी। – आकांक्षा राना, नगर आयुक्त
