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चिरगांव में पहाड़ी चुंगी से लेकर मंडी गेट तक जाम की समस्या अब नासूर बन चुकी है। बाजार की मुख्य सड़क पर बजरिया तिराहा, रामनगर तिराहा और मंडी गेट के आसपास दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। यह जाम केवल ट्रैफिक की समस्या नहीं, बल्कि आम जनजीवन को प्रभावित करने वाली बड़ी चुनौती बन गया है। दोपहर के समय जब स्कूलों में छुट्टी होती है, तब हालात और भी बदतर हो जाते हैं। फुटपाथ पर दुकानदारों और अन्य लोगों ने कब्जे कर रखे हैं जिससे पैदल चलने की जगह तक नहीं बचती। ऐसे में दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक मजबूरी में अपनी गाड़ियां सड़क किनारे ही खड़ी कर देते हैं, ताकि बाजार से खरीदारी कर सकें। सड़क पर वाहन खड़े होने से ट्रैफिक रेंगने लगता है और देखते ही देखते यह जाम का रूप ले लेता है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि जाम के चलते उन्हें 5 मिनट की दूरी तय करने में 30-40 मिनट तक लग जाते हैं। सबसे अधिक परेशानी तब होती है,जब रोडवेज बस जाम में फंस जाती है।इतना ही नहीं 108 एंबुलेंस सेवा के वाहन मरीज के साथ फंसे देखे गए हैं। इससे मरीजों की हालत और गंभीर हो जाती है। वहीं, अग्निशमन और प्रशासनिक वाहनों की आवाजाही में भी बाधा आती है। व्यापारी भी मानते हैं कि सड़क पर वाहन खड़े होने के कारण ग्राहकों को दिक्कत होती है, लेकिन प्रशासन यदि फुटपाथ खाली करा दे और पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था बना दे, तो समस्या काफी हद तक हल हो सकती है। नगरवासियों ने मांग की है कि चिरगांव में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अवैध अतिक्रमण हटाने, बाजार क्षेत्र में पार्किंग लागू करने की मांग की।