बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में डीलिट, डीएससी और एलएलडी डिग्री फिर शुरू होने जा रही है। बीयू प्रशासन इसके लिए काफी समय से प्रयास कर रहा था। अब कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है।

पीएचडी करने के बाद कला विषय साहित्य, कला, मानविकी व सामाजिक विज्ञान में डॉक्टरेट ऑफ लिट्रेचर (डीलिट), डॉक्टरेट ऑफ साइंस (डीएससी) व एलएलडी (डॉक्टरेट ऑफ लॉ) की डिग्री ली जाती है। इसकी अवधि तीन से छह वर्ष होती है। अपने विषय पर स्वेच्छा से टॉपिक तय कर सिर्फ शोध किया जाता है। क्रमबद्ध तीन शोध पेपर भी प्रकाशित करने पड़ते हैं। अपने क्षेत्र में विशेष कार्य करने पर भी यह डिग्री मानद उपाधि के रूप में दी जाती है।

बीयू के सूत्रों का कहना है कि झांसी के मंडलायुक्त रहे डॉ. पीवी जगनमोहन ने 10 जुलाई 2007 से एक नवंबर 2007 तक कार्यवाहक के रूप में कुलपति का प्रभार संभाला था। उनकी डीलिट वर्ष 2018 में पूरी हुई थी। इसके बाद से कुलाधिपति ने इन डिग्री कोर्स के लिए अनुमोदन नहीं किया। इस वजह से इसे बंद कर दिया गया। वहीं, बीयू प्रशासन इन डिग्री कोर्सों को शुरू करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था। अब सात वर्ष बाद कुलाधिपति ने अपनी अनुमति प्रदान कर दी है। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि कुलाधिपति से अनुमति मिलने के बाद जल्द आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।



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