बिजली चोरी में पकड़े गए 41,271 उपभोक्ताओं ने आठ साल बाद भी जुर्माना जमा नहीं किया है। उन पर करीब 245.40 करोड़ रुपये बकाया है। विभाग ने अब इनको ओटीएस योजना के तहत नोटिस भेजे हैं। यदि वह इसका लाभ उठाते हैं तो 50 प्रतिशत ही जमा करना होगा।

बिजली निगम एक दिसंबर से एकमुश्त समाधान योजना लागू कर रहा है। झांसी मंडल में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 41,271 है, जिन पर 245.40 करोड़ रुपये बकाया है। सबसे ज्यादा उरई के 15,237 तो सबसे कम झांसी शहर में 4,179 बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ता हैं। विद्युत निगम ने यह आंकड़ा जारी करते हुए नोटिस भेजे हैं। उपभोक्ताओं से कहा है कि वह अपना 50 प्रतिशत राजस्व निर्धारण जमा कर चोरी के मामले से मुक्ति पा सकते हैं। मुख्य अभियंता केपी खान ने कहा कि न्यायालय में विचाराधीन से लेकर आरसी जारी होने वाले मामलों में भी उपभोक्ता लाभ ले सकते हैं।

यहां इतने मामले

झांसी शहर में 4,127 मामले हैं, जिसका राजस्व निर्धारण 14,56 करोड़ है।

झांसी ग्रामीण में 6,871 मामले हैं, जिसका राजस्व निर्धारण 35.38 करोड़ है।

ललितपुर में14,984 मामले हैं, जिसका राजस्व निर्धारण 84.35 करोड़ है।

उरई में 15,237 मामले हैं जिसका राजस्व निर्धारण 110.10 करोड़ है।



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