बाद के दिनों में रानी मुखर्जी के पिता फिल्म निर्माता-निर्देशक राम मुखर्जी मुंबई में जाकर बस गए थे। मुंबई में रहते हुए राम मुखर्जी इस्कॉन के संस्थापक शील प्रभुपाद के संपर्क में आ गए थे। उनसे प्रभावित होकर उन्होंने साल 2002 में अपना झांसी में 20 हजार वर्गफीट में बना घर इस्कॉन को दान में दे दिया था। जिसमें अब भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर बना हुआ है। मंदिर परिसर में मुखर्जी परिवार की कुलदेवी का मंदिर भी स्थित है। साल 2015 में रानी मुखर्जी कुलदेवी की पूजा-अर्चना करने यहां आईं थीं। जबकि, बचपन में यहां उनका लगातार आना-जाना बना रहता था।
