सपा सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि भाजपा उप्र के रास्ते सत्ता में आई थी, अब इसी रास्ते वह सत्ता से बाहर जाएगी। अगले विधानसभा चुनाव के लिए पीडीए परिवार मजबूती से एकजुट है। सभी मिलकर भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाएंगे। हालांकि, बसपा से गठबंधन के सवाल का सीधा जवाब देने के बजाय अखिलेश उसे टाल गए।
ठेकों में भाजपा नेताओं की भागीदारी, बैंक खातों की कराई जाए जांच
शनिवार दोपहर झांसी पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार को कानून-व्यवस्था समेत हर मुद्दे पर फेल ठहराया। कहा, सरकार ने पिछले दस साल के दौरान जनता को सिर्फ बेरोजगारी, महंगाई एवं भ्रष्टाचार दिया। किसानों से औने-पौने दाम पर उनकी जमीन छीनी। बुंदेलखंड में भाजपा नेताओं की मिलीभगत से खनन हो रहा है। उनके बैंक खातों की जांच कराई जानी चाहिए। सरकार गोशालाएं तक नहीं बना सकी। विकास की आड़ में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। ठेके भाजपा के लोगों को बांटे जा रहे हैं। गोरखपुर में 90 किलोमीटर लिंक एक्सप्रेस वे पर 7000 करोड़ खर्च हो रहे हैं। ठेके किसे दिए गए, इसकी जांच होनी चाहिए। पानी की पाइपलाइन भ्रष्टाचार की पाइपलाइन बन गई। मुख्यमंत्री के गृह जनपद में आंखों का मामूली ऑपरेशन कराने पर नौ लोगों की रोशनी चली गई। बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर के नाम पर किसानों से जमीन ली गई। सरकार ने मिसाइल से लेकर बम बनाने के दावे किए लेकिन कई साल बाद भी सुतली बम तक नहीं बना सके।
यूपी में सबसे अधिक फर्जी एनकाउंटर
अखिलेश ने सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का भी आरोप जड़ा। नाम लिए बिना कहा कि सांठगांठ करके नेपाल के रास्ते स्क्रैप माफिया को भगाया गया। विपक्ष के नेताओं पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं। आजम खान और गरौठा के पूर्व विधायक दीपक यादव का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा को कमजोर करने के लिए उत्पीड़न की राजनीति हो रही है। सरकार अपराध नहीं रोक पा रही है। बुल्डोजर को आगे करके दमन कर रही है। झांसी में पुष्पेंद्र यादव, विकास दुबे, असद जैसे एनकांउटर का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस पर नियंत्रण नहीं है। इस वजह से यूपी में सबसे अधिक फर्जी एनकाउंटर हुए।
अमेरिका डील पर यह कहा
अमेरिका से हुई डील पर सरकार को घेरते हुए इसे किसानों के लिए खतरनाक बताया। कहा, इस डील ने झांसी के ग्रासलैंड समेत कई अन्य संस्थानों के अस्तित्व खत्म होंगे। एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को उन्होंने गैरजरूरी बताया।
झांसी में अखिलेश यादव…
मुख्यमंत्री का आरोप पर अखिलेश ने किया पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आरोप पर पलटवार करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनके शासनकाल के दौरान बनारस में हुए लाठी चार्ज के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य नहीं थे। दो समुदायों के बीच भिड़ंत रोकने के लिए पुलिस को लाठी चलानी पड़ी थी। हालांकि, इसके बाद खुद उनके गुरु स्वामी स्वरूपानंद के पास जाकर उन्होंने माफी मांगी। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने शंकराचार्य पद का अपमान किया है। यह पद सनातन धर्म का सबसे बड़ा पद है। सरकार ने न सिर्फ शंकराचार्य का अपमान किया बल्कि बटुकों की चोटियां पकड़कर जमीन पर घसीटा। उन्होंने मुख्यमंत्री को शंकराचार्य के पास जाकर माफी मांगने की नसीहत दी। संत से माफी मांगने में कोई शर्म की बात नहीं।
