यूपी के बहराइच में बाघ पकड़ने के लिए शुक्रवार दोपहर से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। दो हाथियों पर सवार होकर टीम कांबिंग कर रही थी। तभी बाघ अचानक खेत से निकलकर भागता नजर आया। विशेषज्ञों ने ट्रैंकुलाइज करने के लिए निशाना साधा, लेकिन हर बार निशाना चूक गया। बाघ की फुर्ती देखकर मौजूद ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

मामला महसी तहसील के रेहुआ मंसूर गांव का है। गांव बाघ की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर है। बाघ को काबू करने के लिए कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग और दुधवा टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञों ने गांव में डेरा डाल दिया है। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए कतर्नियाघाट से हथिनी जयमाला और चंपाकली को मौके पर बुलाया गया। दोनों हथिनी बृहस्पतिवार देर शाम रेहुआ मंसूर गांव पहुंचीं।

बाघ खेत से निकलकर भागता दिखाई दिया

शुक्रवार को मौसम खराब होने के कारण तड़के बाघ को पकड़ने का अभियान शुरू नहीं हो सका। हालात सामान्य होने पर दोपहर करीब 12 बजे हाथियों की मदद से कांबिंग शुरू की गई। हाथी गन्ने के खेत में दाखिल हुआ तो लगभग 10 मिनट के भीतर बाघ खेत से निकलकर तेजी से भागता दिखाई दिया। 

यह दृश्य देखकर कुछ दूरी पर मौजूद ग्रामीणों और वनकर्मियों में अफरातफरी मच गई। इसी बीच हाथियों पर सवार दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्य चिकित्सक डॉ. दयाशंकर और डॉ. दीपक ने ट्रैंकुलाइज गन से चार बार निशाना साधा, लेकिन बाघ को ट्रैंकुलजाइज करने में सफलता नहीं मिल सकी। शाम 6 बजे कांबिंग अभियान रोक दिया गया।

ट्रैंकुलाइज करने की रणनीति पर काम कर रही टीम

प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेसा ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए चारों तरफ जाल लगाए गए हैं। कांबिंग के दौरान बाघ लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। खेतों में उसे भागते हुए दिखाई देने की भी पुष्टि हुई है। वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम बाघ को सुरक्षित रूप से घेरकर ट्रैंकुलाइज करने की रणनीति पर काम कर रही है। 



डीएफओ ने कहा कि निशाना चूका है, लेकिन शीघ्र ही उसे ट्रैंकुलाइज कर काबू में कर लिया जाएगा। मौके पर रेंज अधिकारी शाकिब अंसारी, वन दरोगा प्रशिक्षण वर्मा, रामगांव थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी पवन कुमार सहित वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं। पूरे इलाके में सतत निगरानी रखी जा रही है।





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