TB Free India Muzaffarnagar अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने की दिशा में सोमवार, 16 फरवरी 2026 को एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल सामने आई। जनपद मुजफ्फरनगर के टीबी अस्पताल परिसर में साईं धाम फाउंडेशन, गुरुग्राम द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर 140 क्षय (टीबी) रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। इस पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई केवल दवाओं से नहीं, बल्कि पोषण और सामाजिक सहयोग से भी जीती जाती है।


🔴 टीबी मुक्त भारत के संकल्प को मिली नई ऊर्जा

भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ऐसे प्रयासों को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। TB Free India Muzaffarnagar के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए साईं धाम फाउंडेशन ने यह संदेश दिया कि बीमारी के इलाज के साथ-साथ मरीजों की दैनिक जरूरतों और पोषण पर ध्यान देना भी उतना ही आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर राहत और उम्मीद की झलक साफ देखी गई।


🔴 उपचार के साथ पोषण क्यों है जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार टीबी रोगियों में अक्सर कुपोषण की समस्या देखने को मिलती है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन द्वारा वितरित पोषण पोटली में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल किए गए, जो शरीर को ऊर्जा देने और दवाओं के प्रभाव को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं।

TB Free India Muzaffarnagar अभियान के तहत यह पहल मरीजों को यह भरोसा भी देती है कि समाज उनके साथ खड़ा है।


🔴 फाउंडेशन प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका

इस कार्यक्रम में साईं धाम फाउंडेशन की ओर से साईं धाम फाउंडेशन के प्रतिनिधि सुशील और श्रीमती सुनीता स्वयं उपस्थित रहे। उन्होंने प्रत्येक मरीज को पोषण पोटली भेंट करते हुए कहा कि टीबी जैसी बीमारी से लड़ने में सकारात्मक सोच, नियमित दवा और संतुलित आहार—तीनों की समान भूमिका होती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्था का उद्देश्य केवल सहायता देना नहीं, बल्कि मरीजों के भीतर स्वस्थ जीवन के प्रति विश्वास और आत्मबल पैदा करना है।


🔴 स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठन का समन्वय

टीबी अस्पताल में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय सहभागिता भी देखने को मिली। कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. लोकेश चंद गुप्ता उपस्थित रहे। उन्होंने साईं धाम फाउंडेशन की इस मानवीय पहल की खुलकर सराहना की।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि TB Free India Muzaffarnagar जैसे लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों का सहयोग बेहद जरूरी है। सामूहिक प्रयास ही टीबी को जड़ से खत्म करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।


🔴 अस्पताल स्टाफ का सहयोग

इस अवसर पर टीबी अस्पताल के स्टाफ सदस्यों—विपिन शर्मा, हेमंत यादव और अभिषेक सहित अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति रही। स्टाफ ने वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई, जिससे सभी 140 मरीजों तक पोषण पोटली समय पर पहुंच सकी।


🔴 मरीजों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

पोषण पोटली प्राप्त करने वाले मरीजों ने फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार जताया। कई मरीजों ने कहा कि इस प्रकार की सहायता से न केवल शारीरिक मजबूती मिलती है, बल्कि मानसिक संबल भी बढ़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि TB Free India Muzaffarnagar जैसे कार्यक्रमों से मरीज नियमित उपचार के प्रति अधिक जागरूक होते हैं और दवा बीच में छोड़ने की प्रवृत्ति भी कम होती है।


🔴 भविष्य में भी जारी रहेगा सेवा अभियान

साईं धाम फाउंडेशन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी टीबी रोगियों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए इस प्रकार के लोक कल्याणकारी कार्यक्रम जारी रखे जाएंगे। संस्था का मानना है कि स्वस्थ समाज की नींव मानवीय संवेदना और सहयोग से ही मजबूत होती है।


टीबी मुक्त भारत मुजफ्फरनगर की दिशा में साईं धाम फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग का यह संयुक्त प्रयास न केवल एक सामाजिक उदाहरण है, बल्कि यह दिखाता है कि जब सेवा, संवेदना और सहयोग एक साथ आते हैं, तो गंभीर बीमारियों के खिलाफ लड़ाई को नई मजबूती मिलती है।

 



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