रेकी अभियान के दाैरान बुंदेलखंड जोन में टैक्स चोरी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। जांच में खुलासा हुआ कि चार फर्जी फर्मों के जरिये 5.73 करोड़ रुपये का टैक्स हेरफेर किया गया है। राज्य कर विभाग ने इसे सुनियोजित आर्थिक अनियमितता माना है। विभाग ने इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद अब जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी है। एसआईटी अब इन फर्जी फर्मों के सभी लेन-देन, दस्तावेजों और नेटवर्क की तह तक जाकर जांच करेगी। साथ ही इन फर्माें के साझेदार फर्माें की भी जांच की जाएगी।

राज्य कर विभाग की ओर से इस साल 23 जुलाई से फर्जी फर्माें की जांच के लिए रेकी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक की जांच में बुंदेलखंड जोन में कुल 26 फर्जी फर्में पकड़ी जा चुकी हैं। इनमें 17 फर्माें ने 31.96 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी कर सरकार को चूना लगाया। इनमें महोबा की ऊर्जा पेट्रोकेम, हमीरपुर की आरपी इंटरप्राइजेज और जुबैर इंटरप्राइजेज और झांसी की डीके इंटरप्राइजेज शामिल हैं। कर विभाग की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फर्मों के बताए गए स्थलों पर कोई व्यापारिक गतिविधि नहीं चल रही थी। इन फर्मों के अभिलेखों में वास्तविक खरीद या कर भुगतान नहीं दिखा, फिर भी इन फर्मों ने 5.73 करोड़ रुपये का कर लाभ उठाया। उसके बाद विभाग ने चारों फर्म संचालक के खिलाफ विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। विस्तृत जांच के लिए अब इन फर्माें की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। इस बीच विभाग 9 अन्य फर्मों की टैक्स चोरी के आकलन में जुटा है। अधिकारियों का मानना है कि एसआईटी जांच से न केवल टैक्स चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा, बल्कि राजस्व को हो रहे नुकसान को रोकने में भी बड़ी मदद मिलेगी। 

इन फर्माें की जांच करेगी एसआईटी

महोबा की फर्म ऊर्जा पेट्रोकेम 1.52 करोड़, हमीरपुर की फर्म आरपी इंटरप्राइजेज 2.76 करोड़, झांसी की फर्म डीके इंटरप्राइजेज 1.33 करोड़, हमीरपुर की फर्म जुबैर इंटरप्राइजेज 76.62 लाख का मामला है।

15 और फर्माें के खिलाफ प्राथमिकी के लिए सौंपी तहरीर

चार फर्माें की जांच के बाद राज्य कर विभाग 15 और फर्माें की जांच भी एसआईटी को सौंपने की तैयारी कर चुका है। इनके खिलाफ प्राथमिकी पंजीकृत कराने के लिए विभिन्न थानों में तहरीर सौंपी गई है। इन फर्माें में महोबा की रायसु ई कॉमर्स, बांदा की राहू इंटरप्राइजेज, झांसी की पीतांबरा ट्रेडर्स, बांदा की कामतानाथ इंटरप्राइजेज, झांसी की पीएस इंटरप्राइजेज और काजल इंटरप्राइजेज, हमीरपुर की पराटे इंटरप्राइजेज और शिंदे इंटरप्राइजेज, बांदा की एनआर इंटरप्राइजेज, झांसी की आरके इंटरप्राइजेज, ललितपुर की ताज इंटरप्राइजेज व एमके इंटरप्राइजेज, झांसी की एके इंटरप्राइजेज, बांदा की भारत इंटरप्राइजेज व श्रीराम इंटरप्राइजेज शामिल हैं।

इनका यह है कहना

रेकी अभियान में जांच के दौरान पकड़ी गईं 26 फर्माें में चार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। 15 फर्माें के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर विभिन्न थानों में दी गई है। इनकी भी जांच एसआईटी को सौंपी जा रही है।

– डीके सचान, अपर आयुक्त ग्रेड-1, राज्य कर विभाग।



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