दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एमसीडी की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर मुरादाबाद के पूर्व सांसद व सपा नेता एसटी हसन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह करीब 100 साल पुरानी मस्जिद है। अतिक्रमण के नाम पर जबरदस्ती की जा रही है।

ऐसे में लोग कब तक चुप रहेंगे। अगर यही कार्रवाई हर जगह समान रूप से होती तो लोग धैर्य रखते। लेकिन जब धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई होती है तो लोगों की भावनाएं जुड़ी होने के कारण उसका विरोध स्वाभाविक है। हसन ने कहा कि मस्जिदों, मदरसों और धार्मिक ढांचों को इस तरह कब तक गिराया जाता रहेगा।

सवाल उठाया कि अगर कल दिल्ली की जामा मस्जिद को गिराने का फैसला कर लिया जाए तो क्या होगा। उसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज और स्वीकृत नक्शे भी मौजूद नहीं हैं, तब उसे भी अवैध माना जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों के प्रति दुश्मनी में सभी सीमाएं पार की जा चुकी हैं।

सपा नेता ने कहा कि यदि कहीं अवैध अतिक्रमण है तो कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए जिनकी मौजूदगी में यह सब हुआ। साथ ही उन्होंने हिंसा भड़काने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।





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