Muzaffarnagar flag march ने आगामी पर्वों और धार्मिक आयोजनों से पहले जिले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सख्ती और सतर्कता को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में संत रविदास जयंती, शब-ए-बारात और अन्य त्योहारों के मद्देनज़र जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने नगर क्षेत्र में पुलिस बल और दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ फ्लैग मार्च किया।
इस सुरक्षा अभियान का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों को यह भरोसा दिलाना भी था कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और किसी भी तरह की अव्यवस्था या अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🔴 संवेदनशील इलाकों में सख्त निगरानी
फ्लैग मार्च की शुरुआत थाना खालापार और कोतवाली नगर क्षेत्र से हुई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का काफिला प्रमुख चौराहों, बाजारों, मिश्रित आबादी वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों से गुजरा। जगह-जगह पुलिसकर्मी दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ तैनात नजर आए।
इस दौरान अधिकारियों ने बाजारों की गतिविधियों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और यातायात व्यवस्था का भी जायजा लिया, ताकि त्योहारों के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
🔴 प्रशासनिक नेतृत्व की मौजूदगी बनी संदेश
इस फ्लैग मार्च में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संजय कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के मिश्रा, थाना प्रभारी कोतवाली नगर बबलू कुमार और थाना प्रभारी खालापार महावीर सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों की इस सामूहिक मौजूदगी को प्रशासन का “सख्त संदेश” माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
🔴 आमजन से संवाद: भरोसा और अपील दोनों
फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और क्षेत्रीय नागरिकों से सीधे संवाद किया। लोगों को त्योहारों के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने, शांति और सौहार्द का माहौल बनाए रखने की अपील की गई।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत पुलिस या प्रशासन से पुष्टि करें और बिना जांचे-परखे सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट साझा न करें।
🔴 संदिग्धों पर सख्त नजर, वाहनों की चेकिंग तेज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहें। बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में नियमित गश्त की जाए।
संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग तेज करने, बिना नंबर प्लेट या संदिग्ध गतिविधियों वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई करने के आदेश भी दिए गए।
🔴 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर जोर
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक, भड़काऊ या असत्य जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों से भी अपील की गई कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध पोस्ट या संदेश मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
🔴 साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
फ्लैग मार्च का एक प्रमुख उद्देश्य साम्प्रदायिक सौहार्द को मजबूत करना भी था। अधिकारियों ने सभी समुदायों से अपील की कि वे त्योहारों को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं।
किसी भी तरह की गलतफहमी या विवाद की स्थिति में पुलिस और प्रशासन तुरंत मदद के लिए मौजूद रहेगा, ऐसा भरोसा भी नागरिकों को दिया गया।
🔴 बाजारों और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना है कि त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है और ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है।
कई दुकानदारों ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी से ग्राहकों को भी सुरक्षित महसूस होता है और व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से चलती हैं।
🔴 कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन की रणनीति
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, जिले में संवेदनशील इलाकों की पहचान पहले ही कर ली गई है। वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और जरूरत पड़ने पर त्वरित प्रतिक्रिया दल भी सक्रिय रहेगा।
सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्वे और कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं पर भी काम किया जा रहा है, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
🔴 त्योहार और सुरक्षा का संतुलन
अधिकारियों ने कहा कि उनका लक्ष्य सिर्फ सख्ती दिखाना नहीं, बल्कि त्योहारों की खुशियों को सुरक्षित माहौल में मनाने का अवसर देना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।
🔴 नागरिकों की भूमिका पर जोर
प्रशासन ने साफ किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, झगड़े या अफवाह की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन नंबर पर देने की अपील की गई।
🔴 आने वाले दिनों की तैयारी
फ्लैग मार्च के बाद अब जिले में नियमित गश्त, रात्रि पेट्रोलिंग और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की योजना बनाई गई है। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के पूरे दौर में यह सतर्कता बरकरार रहेगी।
मुजफ्फरनगर की सड़कों पर निकला यह फ्लैग मार्च सिर्फ पुलिस बल की परेड नहीं, बल्कि एक भरोसे का संदेश था—कि त्योहारों की रौनक के बीच शांति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी ही वह ताकत है, जो हर उत्सव को सौहार्द और सुरक्षा के साथ यादगार बना सकती है।
