चोरी की वारदात न कबूलने पर थाने में युवक के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोपियों पर युवक को पेशाब पिलाने और उसकी दो अंगुलियां तोड़ने का आरोप है। पीड़ित की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पैलानी थाने में खप्टिहाकलां चौकी इंचार्ज समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
घटना पैलानी थाना क्षेत्र के पिपरहरी गांव की है। पीड़ित पप्पू उर्फ श्रवण कुमार ने सीजेएम न्यायालय में वाद दायर कर बताया कि 25 अगस्त 2025 को गांव के ज्वाला के घर चोरी हुई थी। 31 अगस्त 2025 को पंकज के घर भी चोरी का प्रयास हुआ था। 27 अगस्त को तत्कालीन चौकी इंचार्ज दान बहादुर पाल उसे पूछताछ के लिए थाने ले गए थे। इसके बाद पंकज और उसके परिवार वाले उसके घर आकर चोरी कबूलने का दबाव बनाने लगे और जूते से पीटा।
पप्पू का आरोप है कि पहली सितंबर 2025 को उसे खप्टिहाकलां चौकी ले जाया गया। जहां वर्तमान चौकी इंचार्ज हरिशरण पर पैसा लेकर मारपीट करने का आरोप है। आरोप है कि उसे पेशाब पिलाई गई और उसकी हाथ की दो अंगुलियां तोड़ डालीं। उसे एनकाउंटर करने की धमकी भी दी गई। तीन सितंबर को फिर चौकी बुलाकर वारदात कबूलने को कहा गया। पैलानी थाने में शिकायती पत्र देने के बाद भी कार्रवाई न होने पर उसने 11 सितंबर को डॉक्टरी मुआयना कराया, जिसमें उसकी दो अंगुलियां टूटी पाई गईं।
कोई सुनवाई न होने पर पीड़ित ने सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया। न्यायालय के आदेश पर पैलानी थाने में खप्टिहाकलां चौकी इंचार्ज हरिशरण सिंह, रामरूप व भइया, पंकज, ज्वाला, विद्याधर और सुनील के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पैलानी थाना इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। हालांकि, उन्होंने मामले को पेशबंदी का बताते हुए लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
