एक बौने बच्चे ने कोर्ट को इशारों में बताया कि उसके साथ जब कुकर्त्य हुआ तो तेज बुखार आ गया। घर में इशारे से बताया तो परिवार के लोग समझ नहीं पाए। इसी प्रकार दो सगे नाबालिग भाइयों ने बताया कि उसके साथ कई तरह की अमानवीय हरकतें की गईं।
तीन नाबालिग बच्चों ने बताया कि अंकल इस सब का वीडियो बनाते थे। दूध वाले के नाबालिग बेटे ने बताया कि अंकल ने पापा से कहा बच्चे को यहां छोड़ जाओ मैं इसे कंप्यूटर सिखा दूंगा। उसके बाद एक साल कुकृत्य किया। पापा से कम मिलने देते थे। अगर वह चला जाता था तो पापा से बुलवा लेते थे।
‘जैसा मैं कहूं करो नहीं तो वीडियो गेम नहीं खेलने दूंगा’
नौकरानी के बेटे ने बताया कि अंकल कहते थे जैसा मैं कहूं करो नहीं तो वीडियो गेम नहीं खेलने दूंगा। रुपये भी नहीं दूंगा। रामभवन चाहे दूध वाला हो या किराने वाला या नौकरानी जिसे भी जानता था उसके बच्चे को किसी न किसी बहाने से बुलाकर उसे वीडियो गेम, रुपये आदि का लालच देकर जाल में फंसा लेता था।
इनकी गवाही ने पहुंचाया फांसी के फंदे तक
रामभवन के यौन शोषण के मामले में बच्चों के अतिरिक्त सीबीआई ने साक्षी के तौर 74 अन्य लोगों को अदालत में पेश किया था। जिसमें 22 शिक्षक, एक ग्राम पंचायत अधिकारी, सिंचाई विभाग के अधिकारी, डॉक्टर आदि शामिल हैं। इनकी गवाही ने भी रामभवन व उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी के फंदे तक पहुंचाने का काम किया।




