
मऊ दीवार हादसा
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उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी कोतवाली इलाके के मदा समसपुर गांव में शुक्रवार को हल्दी रस्म के दौरान हुए हादसे में मरने वालों की संख्या शनिवार को आठ हो गई। इनमें दो बच्चे और छह महिलाएं शामिल हैं। सभी का अंतिम संस्कार जिले के दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम पर किया गया।
एक बच्चे का शव गोद में लेकर जब उसे पिता अंतिम संस्कार के लिए लेकर निकले तो सभी की आखें नम हो गईं। वहीं, एक साथ पांच अर्थियां निकलते देख कस्बा वासी फफक पड़े। प्रदेश सरकार मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों के परिजनों को पचास-पचास हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देगी। वहीं, नगर पंचायत प्रधानमंत्री आवास देने का कार्य करेगी।
हादसे को 24 घंटे बीतने के बाद भी शनिवार को घोसी कस्बे में मातमी सन्नाटा पसरा रहा। दूसरे दिन भी हर किसी की जुबान पर दीवार ढहने की घटना के भयानक मंजर की चर्चा थी। पीड़ित परिवारों के साथ घोसी के चार मुहल्लों में दूसरे दिन भी घरों में चूल्हा नहीं जला।
लोग मातमपुर्सी के लिए पीड़ित परिवारों के घर पर मौजूद रहे। मृतकों के परिजनों को हर कोई ढांढस बंधाते दिखा। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद शवयात्रा निकाली और कस्बे में रोना-पीटना मच गया।
