संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

Updated Mon, 23 Oct 2023 11:48 PM IST

कासगंज। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार विजयादशमी का पर्व बहुत ही खास और दुर्लभ योग में मनाया जा रहा। 30 साल बाद विजयादशमी पर शश राजयोग का निर्माण होगा। इसके अलावा समसप्तक, बुधित्य योग सहित कई अन्य संयोग बन रहे हैं। इसी के साथ ही जगदंबे मुर्गे पर सवार होकर अपने लोक लौट जाएंगी। योगों संयोग को ज्योतिष जीवन में उन्नति वाला मान रहे हैं।

ज्योतिषों की मानें माता नवरात्र में नौ दिन के लिए पृथ्वी लोक पर आती है। इस बार माता हाथी पर सवार होकर आईं, लेकिन माता की विदाई की सवारी बदल जाएगी। माता मंगलवार को अपने लोक लौट जाएंगी। माता मुर्गे पर वापस लौटेंगी। पर्व पर न्याय और कर्म फलदाता शनिदेव अपनी स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे, जिसके कारण शश राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शश राजयोग बहुत ही शुभ माना गया है। इसके अलावा गुरु और शुक्र ग्रह एक दूसरे के सामने विराजमान होंगे। जिस कारण समसप्तक योग बनने से धन लाभ के प्रबल संकेत है। तुला राशि में सूर्य और बुध की युति हो रही है, जिससे बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। धनिष्ठा नक्षत्र और शतभिषा नक्षत्र के प्रभाव से मकर और कुंभ समेत पांच राशियों के जीवन में उन्नति के योग बन रहे हैं।



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