राजस्थान के धौलपुर के खनन माफिया ने रविवार रात रामबाग क्षेत्र में दुस्साहस दिखाया। गिट्टी से भरा डंपर पकड़ने पर खनन निरीक्षक और पुलिस टीम का रास्ता रोक लिया। दो गाड़ियों में सवार माफिया अपने गुर्गों के साथ टीम को धमकाते हुए पकड़े गए डंपर चालक और सहायक को छुड़ा ले गया। मामले में थाना एत्माद्दौला में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बाद में पुलिस ने दोनों को दबिश देकर पकड़ लिया।
खनन निरीक्षक सुशील कुमार वर्मा ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 8 फरवरी की रात 12:00 बजे वह हेड कांस्टेबल नीरज कुमार, होमगार्ड पुतु सिंह और चालक बिंदु कुमार शर्मा के साथ खनन के अवैध परिवहन को रोकने के लिए रामबाग पर चेकिंग कर रहे थे। यमुना किनारा रोड से गिट्टी से भरा एक डंपर आता दिखा। उसे रोकने के लिए इशारा किया मगर चालक ने डंपर को नहीं रोका और उसकी गति बढ़ा दी। टीम ने पीछा किया तो आगे जाम होने की वजह से डंपर फंस गया। चालक से गिट्टी से संबंधित कागज दिखाने के लिए कहा तो उसने इन्कार कर दिया। बताया कि गाड़ी दीपू सिसोदिया चलवाता है।
चालक ने पूछताछ में बताया कि खनन के वाहनों को लेकर जब भी निकालते हैं तो रास्ते में रोकते नहीं हैं। माफिया का आदेश है कि कोई टीम रोके तो उस पर गाड़ी चढ़ा देना। इस कारण ही वह गाड़ी नहीं रोक रहे थे। चालक ने अपना नाम रिंकू निवासी ग्राम जाजऊ, तहसील खेरागढ़ बताया। उसके साथ सहायक भोला उर्फ समीम निवासी जाजऊ, खेरागढ़ भी बैठा था। वे पूरी योजना के साथ खनन की गाड़ियों को लेकर निकलते हैं। दीपू सिसोदिया उन्हें लोकेशन बताता रहता है। वह गाड़ी के आगे-आगे चलता है। खनन की टीम मिलने पर इशारा करके गाड़ी को रुकवा देते हैं। इसके लिए मोबाइल से आपस में बात करते रहते हैं। गाड़ी के सामने आरवीएस सिसोदिया और पीछे आशु भाई लिखा था।
रामबाग से पहले रोक लिया रास्ता
खनन निरीक्षक ने बताया कि विभाग के मोबाइल एप पर वाहन संख्या के बारे में जानकारी की गई तो पता चला कि इसके संबंध में कोई प्रपत्र जारी नहीं किया गया था। टीम के कहने पर चालक डंपर को थाने ले जाने के लिए राजी नहीं हुआ। थाना छत्ता पुलिस को बुलाया गया मगर छत्ता थाना क्षेत्र में डंपर को खड़ा करने के लिए जगह नहीं थी। इस पर उसे थाना एत्माद्दौला ले जाया जा रहा था। जवाहरपुल से रामबाग की तरफ चलते ही काले रंग की स्कॉर्पियो और सफेद रंग की फॉर्च्यूनर में सवार कुछ लोग आ गए। उन्होंने टीम का रास्ता रोक लिया। वाहनों से चार लोग उतरे। वह टीम से गाली-गलौज और अभद्रता करने लगे। इसमें आशु सिसोदिया और दीपू सिसोदिया भी थे। दोनों ने साथियों की मदद से कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया। थाना एत्माद्दौला पुलिस को बुलाया गया तब तक आरोपी चालक-सहायक को कार में बैठाकर भाग निकले।
खान एवं खनिज अधिनियम में केस
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि ग्राम समोर, तहसील राजाखेड़ा, धौलपुर निवासी आशु सिसोदिया उर्फ अशोक कुमार, दीपू सिसोदिया, जाजऊ निवासी रिंकू, भोला और दो अज्ञात के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम 1957, उत्तर प्रदेश उप खनिज (परिहार) नियमावली 2021 और भारतीय न्याय संहिता की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दो आरोपियों रिंकू और भोला को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राथमिकी में लगी धाराओं में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है इसलिए आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की गई। एसीपी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
