Muzaffarnagar ।उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में एक बार फिर जनपद मुजफ्फरनगर ने अपना परचम लहराते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि कोई संयोग नहीं, बल्कि जिले की सशक्त स्वास्थ्य प्रणाली, टीमवर्क और जन-भागीदारी का नतीजा है, जिसने लगातार तीसरे महीने जिले को प्रदेश के टॉप जिलों की सूची में बनाए रखा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने इस गौरवशाली उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस बार जनपद ने 0.73 का समग्र कंपोजिट स्कोर प्राप्त किया है, जिससे यह लगातार दूसरे महीने राज्यभर में द्वितीय स्थान पर रहा।
100% HIV जांच और बच्चों के पूर्ण टीकाकरण में बना मिसाल
डॉ. तेवतिया ने बताया कि मुजफ्फरनगर ने HIV जांच में 100% प्रदर्शन कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इतना ही नहीं, बच्चों के पूर्ण टीकाकरण में भी जिले ने 100% लक्ष्य को प्राप्त कर एक मिसाल कायम की है।
जहां अन्य जिलों में यह चुनौतीपूर्ण रहा, वहीं मुजफ्फरनगर की टीम ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में काम किया जाए तो कोई लक्ष्य असंभव नहीं।
नवजात देखभाल और एएनसी सेवाओं में भी रहा अव्वल
जनपद की नवजात शिशु देखभाल की बात करें तो होम विजिट श्रेणी में अधिकांश ब्लॉकों का प्रदर्शन 100 प्रतिशत रहा। साथ ही, 4 या अधिक एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) और एचबी जांचों को समयबद्ध ढंग से कराने में भी जिले ने बेहतरीन कार्य किया।
इसका सीधा असर गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर पड़ा है, जिससे जच्चा-बच्चा मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिली है।
पुर्काजी, बघरा और ग्रामीण क्षेत्रों का शानदार प्रदर्शन
सीएमओ के अनुसार, इस बार के स्कोर में पुर्काजी, मुजफ्फरनगर (ग्रामीण) और बघरा ब्लॉकों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष तीन स्थान प्राप्त किए हैं।
पुर्काजी ब्लॉक ने परिवार नियोजन में स्थायी विधि अपनाने में 330% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। वहीं बघरा ब्लॉक की रैंकिंग में पिछली बार की तुलना में बेहद सराहनीय सुधार देखा गया।
खतौली और शहरी क्षेत्र में अब भी सुधार की दरकार
हालांकि जिले के खतौली और मुजफ्फरनगर (शहरी) क्षेत्र में कुछ कमियां रह गई हैं, जिन पर सीएमओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि यहां और अधिक मूल्यांकन, प्रशिक्षण और निगरानी की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि टीम जल्द ही इन क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान और सर्वेक्षण आयोजित कर स्थिति को और बेहतर करेगी।
जनभागीदारी और टीमवर्क बना जिले की सबसे बड़ी ताकत
डॉ. तेवतिया ने स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि सिर्फ विभागीय काम का नतीजा नहीं है, बल्कि इसमें आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सीएचसी/पीएचसी स्टाफ, डीपीएमयू यूनिट, निगरानी टीम और जिला प्रशासन का बड़ा योगदान रहा है।
गांव-गांव जाकर सेवा देने वाली आशा बहुएं, फील्ड में डटे एएनएम, और डेटा विश्लेषण से लेकर रणनीति बनाने वाली जिला इकाइयों ने मिलकर इस मिशन को सफल बनाया है।
जनता ने भी निभाई बड़ी भूमिका
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में सामान्य जनता का विश्वास और सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहा है। जिले की महिलाओं ने टीकाकरण, गर्भवती जांच और परिवार नियोजन कार्यक्रमों में भागीदारी कर प्रशासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफल बनाया है।
आगे की रणनीति – अब लक्ष्य है राज्य में प्रथम स्थान पाना
CMO डॉ. तेवतिया ने कहा,
“हमारी टीम के अथक प्रयासों और सहयोग से यह उपलब्धि मिली है। अगली बार हम पूर्ण प्रयास करेंगे कि मुजफ्फरनगर राज्य में पहला स्थान प्राप्त करे। हम पहले से ज्यादा प्रतिबद्ध हैं और रणनीति के साथ कार्य कर रहे हैं।”
ऐसी खबरों से बढ़ता है जिले का आत्मविश्वास
मुजफ्फरनगर जैसे जिले, जो कभी दंगे या अपराध के मामलों में चर्चा में रहते थे, अब स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक उत्कृष्टता के कारण प्रदेश में सिरमौर बनते जा रहे हैं।
इस तरह की सकारात्मक खबरें न केवल जिले की छवि सुधारती हैं, बल्कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी प्रेरणा देती हैं कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति से बड़े से बड़े बदलाव संभव हैं।
मुजफ्फरनगर जिले की यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों की जीत नहीं, बल्कि जनसेवा की एक नई मिसाल है। जब प्रशासन, स्वास्थ्यकर्मी और जनता एकजुट होकर कार्य करें, तो किसी भी क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचना मुश्किल नहीं होता। मुजफ्फरनगर की यह उड़ान अब रुकने वाली नहीं है — लक्ष्य अब पहले पायदान पर कब्जा करना है!