Muzaffarnagar जनपद में एक प्रेम कहानी ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि एक युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। मामला न सिर्फ़ हत्या तक सीमित है, बल्कि इसमें दोस्ती का विश्वासघात, ब्लैकमेलिंग, और साजिश का चौंकाने वाला खेल भी शामिल है। खानूपुर गांव के 20 वर्षीय मैकेनिक अनुज कुमार की हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है, और इस जघन्य अपराध में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
ब्लैकमेल से शुरू हुआ खून तक का सफर — कैसे रची गई साजिश?
अनुज और अक्षय दो पुराने दोस्त थे। दोनों का ताल्लुक दूधाहेड़ी गांव से था और दोनों की उम्र करीब-करीब एक जैसी थी। अक्षय एक किशोरी से प्रेम करता था जो कि गांव की ही रहने वाली थी। लेकिन इसी प्रेम कहानी में एंट्री हुई अनुज की, जिसने न सिर्फ़ अपने दोस्त की प्रेमिका की निजी तस्वीरें और वीडियो उसके ही मोबाइल से चुरा लीं, बल्कि बाद में इनका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए करने लगा।
किशोरी जब बार-बार अनुज से बात करने और समझाने की कोशिश करती रही, तब अनुज ने अपनी हरकतें नहीं रोकी। थक-हारकर लड़की ने यह पूरी बात अक्षय को बता दी। इसके बाद अक्षय और उसके दोस्तों ने एक खौफनाक साजिश रची — अपने ही दोस्त को रास्ते से हटाने की।
मौत का बुलावा: कैसे बुलाया गया अनुज को जाल में?
21 जुलाई की सुबह अनुज को कांवड़ यात्रा देखने का बहाना बनाकर लड़की ने दिल्ली-दून हाईवे स्थित मंसूरपुर इलाके में गुरुकुल स्कूल के पीछे बंद पड़े शराब के ठेके तक बुलाया। अनुज को भनक भी नहीं थी कि वहां मौत उसका इंतज़ार कर रही थी।
जैसे ही वह वहां पहुंचा, घात लगाकर बैठे अक्षय और उसके चार साथियों ने उसे दबोच लिया। मौके पर किसी ने चीख भी नहीं सुनी, क्योंकि इलाका सुनसान था। धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
कॉल डिटेल्स से फंसे आरोपी — तकनीकी साक्ष्य से मिला सुराग
मृतक अनुज के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने पर पुलिस को पहला ठोस सुराग मिला। कॉल के आखिरी नंबर और लोकेशन ट्रेस की गई, जिससे घटना में शामिल किशोरी और उसके प्रेमी अक्षय की भूमिका सामने आई। एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने मीडिया को जानकारी दी कि हत्या में शामिल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें दो नाबालिग भी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
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अक्षय (मुख्य आरोपी, दूधाहेड़ी निवासी)
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अमन (सहयोगी)
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दीपक (सहयोगी)
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किशोरी (अक्षय की प्रेमिका)
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एक अन्य किशोर (नाबालिग)
पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और दोनों मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं, जिनमें वीडियो और तस्वीरें मौजूद थीं।
‘दोस्ती की खातिर’ बना कातिल — नाबालिग भी शामिल
इस वारदात में शामिल तीन अन्य युवक जिन्होंने चाकू से अनुज पर हमला किया, वे अक्षय के घनिष्ठ मित्र बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, उन्होंने ‘दोस्ती निभाने’ के नाम पर एक निर्दोष की हत्या में साथ दिया। बताया गया कि सभी आरोपी इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई कर चुके हैं और किशोरी ने हाल ही में कक्षा 12 उत्तीर्ण की थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, किशोरी शुरू से इस प्लान में शामिल थी और उसने ही पूरे वारदात को अंजाम देने में ‘लालच और बदला’ का हथियार इस्तेमाल किया।
गांव में पसरा मातम, परिवार बेहाल
घटना के बाद खानूपुर गांव में मातम का माहौल है। अनुज के माता-पिता और परिजन अब भी इस घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि अनुज मेहनती और सरल स्वभाव का लड़का था। उन्होंने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि युवाओं के बीच मोबाइल, सोशल मीडिया और ‘प्रेम के नाम पर ब्लैकमेलिंग’ जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। कई ग्रामीणों ने किशोरों में बढ़ते अपराध को लेकर प्रशासन से विशेष अभियान की मांग की है।
क्राइम की कहानी, जो बन गई सबक
इस घटना ने एक बार फिर से साबित कर दिया कि दोस्ती और प्रेम, दोनों रिश्ते जब छल, धोखे और स्वार्थ में बदल जाएं, तो हिंसा और अपराध की शक्ल अख्तियार कर लेते हैं।
एक फोटो और कुछ वीडियो ने एक ज़िंदगानी लील ली, और कई परिवारों को तबाही के मुहाने पर ला खड़ा कर दिया। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और कड़ी पूछताछ और तकनीकी सहायता से आरोपियों को पकड़कर मिसाल कायम की है।
क्या सिखाती है ये घटना?
मुज़फ्फरनगर की इस घटना ने समाज को कई गहरे सवालों के कटघरे में ला खड़ा किया है —
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क्या आज का युवा सोशल मीडिया और प्यार में इतना अंधा हो गया है कि जान लेना आसान हो गया है?
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क्या कानून से डरना खत्म हो चुका है?
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और क्या हम अपने बच्चों को सही और गलत की पहचान सिखा पा रहे हैं?
अब आगे क्या? पुलिस की अगली कार्रवाई
Muzaffarnagar पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302 (हत्या), 120B (षड्यंत्र), और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, नाबालिगों के खिलाफ अलग से बाल न्यायालय में मामला चलाया जाएगा।
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने कहा है कि “ऐसे मामलों में पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।”
मुज़फ्फरनगर का यह हत्याकांड सिर्फ एक दोस्त की मौत नहीं, बल्कि समाज की आंखें खोलने वाली घटना है। एक प्रेम कहानी ने जिस तरह से रक्तरंजित मोड़ लिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए चेतावनी है कि रिश्तों में अगर सम्मान और सीमाएं न हों, तो अंजाम सिर्फ बर्बादी ही होती है।