दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन के पास स्थित अलीगढ़ के चिरौलिया प्राथमिक स्कूल डीएफसी (डेडीकेटेड फ्रैट कॉरिडोर) बिछने के बाद दो रेलवे ट्रैक के बीच फंसकर रह गया है। यहां ओवरब्रिज निर्माण होने से विद्यालय जाने का कोई रास्ता नहीं बचा है। बेबस विद्यार्थी खुद को जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे थे, अब सुरक्षा कारणों के चलते रेल लाइन पार कर स्कूल जा रहे बच्चों की आवाजाही पर आरपीएफ ने रोक लगा दी है।

29 जनवरी को इसे लेकर बखेड़ा हुआ तो 30 जनवरी को शिक्षक नेता और बेसिक शिक्षा अधिकारी भी मौके पर पर पहुंच गए और स्कूल तक आने जाने के लिए समाधान खोजा जा रहा है। साथ ही स्कूल को स्थानांतरित करने पर भी मंथन शुरू हो गया है। इस विद्यालय में चिरौलिया, पानखानी, हाजीपुर, भदेसी आदि आसपास के आधा दर्जन गांवों से छह से 14 वर्ष आयु के पहली से पांचवीं तक के बच्चे पढऩे पहुंचते हैं।

दरअसल, दाऊद खां स्टेशन से पहले करीब तीन वर्ष पहले चिरौलिया फाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया। अब तक फाटक के सहारे बनी चहारदीवारी के बीच से विद्यार्थी और ग्रामीण किसी तरह से निकलकर लाइन पार कर आते-जाते थे। स्कूल के दूसरी ओर डीएफसी की लाइन बिछ गई। उस पर मालगाड़ियां फर्राटा भरने लगीं। दोनों ओर से स्कूल रेल लाइनों के बीच में घिर गया है। अब अलीगढ़ से दाऊद खां के बीच ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ रही है। सुरक्षा कारणों से आरपीएफ ने रेलवे लाइन पार कर जाने पर पाबंदियां लगाना शुरू कर दिया है।



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