सभी दोषी 65 की उम्र पार कर चुके थे। वहीं एससी-एसटी एक्ट की धारा 3 (1) (10) का कोई आधार नहीं था। दोषियों की ओर से वकील ने इसे लेकर कोर्ट में दलील दीं।



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