पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबिलिटी शिक्षा के क्षेत्र में जिले ने एक बार फिर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। पर्यावरण शिक्षण केंद्र (सीईई) के विप्रो के सहयोग से संचालित अर्थियन कार्यक्रम के अंतर्गत, आगरा के 11 शिक्षकों का चयन क्षेत्रीय/राज्यस्तरीय अर्थियन पर्यावरण मित्र पुरस्कार के लिए किया गया है। वहीं, तीन विद्यालयों को राष्ट्रीय पर्यावरण मित्र पुरस्कार के लिए चुना गया है।
यह कार्यक्रम शिक्षकों को बच्चों के साथ मिलकर पर्यावरण संबंधी प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करता है। कार्यक्रम के ट्रेनर डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि बच्चों ने कचरा एवं सस्टेनेबिलिटी, जल एवं सस्टेनेबिलिटी, तथा जैव विविधता एवं सस्टेनेबिलिटी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तैयार की गई परियोजनाओं की रिपोर्ट तैयार की जाती है। मूल्यांकन के आधार पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और विद्यालयों का चयन पुरस्कारों के लिए होता है। उपलब्धि पर डायट प्राचार्य अनिरुद्ध यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गोंड, सीईई की वरिष्ठ कार्यक्रम निदेशक प्रीति कन्नौजिया और स्टेट कोऑर्डिनेटर जितेंद्र पटेल ने शुभकामनाएं दीं।
चयनित शिक्षक (रीजनल/राज्य स्तरीय अर्थियन पर्यावरण पुरस्कार)
प्रिया सिंघल – प्राथमिक विद्यालय लाडम, अकोला
बबिता वर्मा – कंपोजिट विद्यालय नगला तल्फी, बरौली अहीर
मधु निगम – उच्च प्राथमिक विद्यालय ताहरपुर, सैंया
अनीता चाहर – प्राथमिक विद्यालय नगला रेवती, अकोला
मिली जैन – उच्च प्राथमिक विद्यालय नानपुर, बिचपुरी
रेनू सिंह – प्राथमिक विद्यालय विसरना, बरौली अहीर
मीनाक्षी लोधी – कंपोजिट विद्यालय खानपुर, खेरागढ़
कुलदीप भारद्वाज – उच्च प्राथमिक विद्यालय बरारा, बिचपुरी
प्रियंका जैन – प्राथमिक विद्यालय सतीनगर, नगर क्षेत्र
निधि गोयल – राजकीय इंटर कॉलेज नैनाना जाट
पविता कुशवाह – कंपोजिट विद्यालय नवादा, शमशाबाद
चयनित विद्यालय (राष्ट्रीय पर्यावरण मित्र पुरस्कार)
प्रेम नारायण शर्मा, उच्च प्राथमिक विद्यालय मीरपुर, शमशाबाद
ज्योति जैन, प्राथमिक विद्यालय पनवारी,अछनेरा
लता कुमारी, प्राथमिक विद्यालय डावर, फतेहपुर सीकरी
