पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सोमवार को स्लीपर बस पलटने से पांच यात्रियों की मौत के मामले में मंगलवार को दो शवों की पहचान हो गई। इनकी शिनाख्त नेपाल के सरलाही, बहादुरपुर निवासी डिगन काथर (29) और बिहार के मुजफ्फरनगर निवासी लक्ष्मन के बेटे गोलू (06) के रूप में हुई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
चालक के नशे की हालत में बस दौड़ाने से गोसाईंगंज के जौखंडी गांव के पास हुए हादसे में 66 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मरने वालों में तीन बच्चे और दो पुरुष थे। सोमवार को तीन शवों की पहचान बिहार के वीरेंद्र (30), महेश की बेटी अंजली (08) और बेटे प्रियांशु के रूप में हुई थी।

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– फोटो : amar ujala
इमरजेंसी गेट बंद कर जोखिम में डाली थी जान
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी आलोक कुमार यादव ने गोसाईंगंज थाने में तहरीर दी है। आरोप है कि चालक हादसे के बाद भाग निकला, जो नियमों के विपरित है। उसे घायलों की मदद करनी चाहिए थी। उधर, मालिक प्रदीप कुमार ने बस में अतिरिक्त सीटें लगाई थीं। इमरजेंसी गेट बंद कर यात्रियों की जान जोखिम में डाली गई। इसके साथ ही बस में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई गईं।

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आरोप है कि चालक की लापरवाही से पांच लोगों की जान चली गई। इंस्पेक्टर डीके सिंह का कहना है कि यात्री सुलेखा की ओर से दर्ज कराई एफआईआर में इस शिकायत को शामिल किया जाएगा। विवेचना में आरोपियों के नाम बढ़ाए जाएंगे। आरोपी चालक सोमपाल को कोर्ट ने जेल भेज दिया।

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ट्रॉमा सेंटर में घायलों का इलाज हुआ।
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एनजीओ ने कराया बच्चों के शवों का अंतिम संस्कार
बस हादसे में तीन बच्चों की मौत से दो परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। हादसे में मारे गए मासूम गोलू के पिता लक्ष्मण मांझी ने बताया कि वह तीन माह से हरियाणा के अंबाला में पत्नी निभा व बच्चों के साथ रहकर मजदूरी करते थे। निभा आठ माह की गर्भवती हैं, जिनका डिलीवरी कराने के लिए वह घर जा रहे थे। निभा को नहीं पता है कि उसका बेटा गोलू अब इस दुनिया में नहीं है।

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लक्ष्मण ने बताया कि बड़ी मुश्किल से कुछ पैसे जुटाए थे, जो खर्च हो गए। साथियों से रुपयों की मांग की तो किसी ने मदद नहीं किया। गर्भवती पत्नी का इलाज चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर है। मंगलवार को लक्ष्मण और उनकी बेटी राधा को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उधर, हादसे में सुलेखा के दो बच्चों अंजलि और प्रियांशू की मौत से पिता महेश का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की खबर पाकर प्रियांशु की मौसी चमचम ट्रेन से कुरुक्षेत्र से लखनऊ पहुंचीं। उन्होंने बताया कि लखनऊ आने के बाद पैसा खत्म हो गया है। रुपयों का इंतजाम कर वह भांजे भांजी का अंतिम संस्कार करेंगी।
