लखनऊ के पारा इलाके में प्यार, शक और अपमान की जटिल उलझन ने एक नाबालिग छात्रा की जिंदगी छीन ली।पुलिस ने प्रेम-प्रसंग और आपसी रंजिश में की गई पांचवीं पास नाबालिग छात्रा की निर्मम हत्या का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत उसके तीन दोस्तों को सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपियों ने शव को सरोजनी नगर के पिपरसंड रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था।
इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार 16 जनवरी को नरपत खेड़ा के डूडा कॉलोनी निवासी पिंकी राय ने की शिकायत पर शीतल (16) को 13 जनवरी को काकोरी के पठान खेड़ा गांव निवासी अंशू गौतम उर्फ लक्की (20) ने बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की शिकायत की थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अपहरण व पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सोमवार को मुख्य आरोपी अंशू गौतम उर्फ लक्की (20) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि करीब छह माह पहले इंस्टाग्राम के जरिए उसकी मृतका से दोस्ती हुई थी, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई।
इसी दौरान मृतका उसके मित्र कुल्हड़कट्टा निवासी आशिक यादव से भी बातचीत करने लगी। इसे अपमान मानते हुए अंशू और आशिक ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।साजिश के तहत अंशू और आशिक ने अपने दोस्तों रिशू यादव, वैभव सिंह राजपूत और दीपक के साथ टाटा सफारी गाड़ी से मृतका को फोन कर बुलाया। गाड़ी में बैठते ही उसके साथ मारपीट की गई और गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। सबूत मिटाने के इरादे से शव को रेलवे ट्रैक पर इस तरह रखा गया कि ट्रेन की चपेट में आने से सिर धड़ से अलग हो गया और मामला आत्महत्या प्रतीत हो।
आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए अपने और मृतका के मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिए। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टाटा सफारी गाड़ी बरामद कर ली है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश में पुलिस की टीम दबिश दे रही है।
