
Priya Rathore death
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसआर स्कूल की छात्रा प्रिया राठौर के मौत के मामले की जांच अब सीबीसीआईडी करेगी। जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने इसकी जानकारी पिछले 22 दिनों से धरने पर बैठे प्रिया के पिता को भी दी है। अब देखना होगा कि सीबीसीआईडी प्रिया के मौत की गुत्थी सुलझा पाती है या नहीं।
जालौन निवासी जसराम राठौर की 13 वर्षीय बेटी प्रिया एसआर ग्लोबल स्कूल से 8वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही थी। वह स्कूल के हॉस्टल में रहती थी। 20 जनवरी की रात हॉस्टल में ही संदिग्ध हालात में उसकी मौत हो गई थी। जसराम की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने पांच महीने तक विवेचना करने के बाद केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पुलिस ने दावा किया था कि प्रिया ने खुदकुशी की। प्रिया के परिजन पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट थे। उनका दावा है कि प्रिया की हत्या हुई। सीबीआई जांच की मांग को लेकर जसराम सात जून से धरने पर बैठे थे। इसी दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की थी। प्रार्थना पत्र लिया था। फिलहाल डीजीपी ने अपने स्तर से केस की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी है। सीबीसीआईडी लखनऊ यूनिट तफ्तीश करेगी।
नए सिरे से होगी जांच, इसलिए पुलिस पर उठे थे सवाल
सीबीसीआईडी अब प्रकरण की नए सिरे से जांच करेगी। जल्द ही पुलिस से केस की एफआईआर व अन्य दस्तावेज मांगेगी। जसराम ने बताया कि अब तक किसी ने संपर्क नहीं किया है। जब जांच आगे बढ़ेगी तो सीबीसीआईडी की टीम उनसे संपर्क कर बयान आदि लेगी। जांच टीम घटनास्थल का भी मुआयना करेगी। पुलिस ने प्रिया के सुसाइड करने का दावा किया था लेकिन ये नहीं बता सकी थी कि खुदकुशी करने की वजह क्या रही? इसलिए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे थे। अब जब सीबीसीआईडी जांच करेगी तो ये भी पहलू जांचा जाएगा कि पुलिस की तफ्तीश कहां पर गड़बड़ रही।
बस मुझे न्याय चाहिए…
सीबीसीआईडी जांच के आदेश होने पर जसराम का कहना है कि वह केस की जांच सीबीआई से चाहते हैं। लेकिन, अब सीबीसीआईडी जांच करेगी। उस पर भी भरोसा है। जसराम ने कहा कि उम्मीद है कि सीबीसीआईडी सभी तथ्यों को शामिल करेगी। एक एक सवाल का जवाब तलाशेगी। बस मुझे न्याय चाहिए।
तमाम सवाल अनसुलझे, इसलिए परिजन असंतुष्ट:
– वार्डन ने पैदल चलते वक्त प्रिया के गिरने की बात कही थी। आखिर क्यों झूठ बोला था?
– पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर जब परिजनों ने बाहरी एक्सपर्ट से राय ली तो उस पर सवाल उठाए थे, उनको जांच में शामिल क्यों नहीं किया गया?
– हॉस्टल प्रशासन का दावा था कि प्रिया ने उस शाम खाना खाया था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खाना न खाने की पुष्टि हुई थी। आखिर गुमराह क्यों किया?
– प्रिया की मौत होने के बाद परिजनों की वार्डन से बात हुई थी, तब उन्होंने उसके भर्ती होने की बात कही थी, आखिर क्यों?
– पुलिस की जांच में दावा है कि पांच मंजिला इमारत से प्रिया कूदी थी। सवाल है कि तो उसके सिर में चोट क्यो नहीं आई?- जिस वक्त की घटना बताई गई, उस दौरान छात्राएं खाना खा रही थीं, तब भी किसी ने उसको गिरते नहीं देखा। एक भी चश्मदीद नहीं मिला। ऐसा कैसे संभव है?
