हाथरस में प्रोफेसर द्वारा छात्राओं का यौन शोषण किए जाने के मामले में 2 जनवरी को एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में सुनवाई हुई। यहां सातवें गवाह के रूप में महिला चिकित्सक के बयान दर्ज किए गए। मुकदमे का ट्रायल तेजी से चल रहा है।
पीसी बागला महाविद्यालय में भूगोल के विभागाध्यक्ष और मुख्य अनुशासन अधिकारी डाॅ. रजनीश द्वारा छात्राओं के यौन शोषण का मामला अब फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में चल रहा है। इस केस में जल्दी तिथि लग रही हैं, जिससे सुर्खियों में रहे इस मामले में त्वरित निर्णय तक पहुंचा जा सके। डाॅ. रजनीश की एक पीड़ित छात्रा ने महिला आयोग में शिकायत की थी।
इसका संज्ञान लेकर कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी, जिसमें पुलिस खुद वादी बनी। आरोपी प्रोफेसर अपने मोबाइल में कैमरा सॉफ्टवेयर के जरिए इनको रिकॉर्ड करता था। जांच में यह भी सामने आया था कि वीडियो गंदी साइट पर भी डाले जाते थे।
20 साल से आरोपी द्वारा यौन शोषण किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस को चीफ प्रॉक्टर के मोबाइल व लैपटॉप में 59 वीडियो व फोटो मिले थे। 21 मार्च को पुलिस ने गिरफ्तार कर प्रोफेसर को जेल भेजा था। तब से आरोपी जेल में है। प्रकरण में वादी के अलावा तीन पीड़ित छात्राओं, चिकित्सक व एफआईआर लेखक के बयान हो चुके हैं।
