
राहुल गांधी और अखिलेश यादव। यह दोनों गठबंधन होने की बात कह चुके हैं।
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कांग्रेस और सपा दोनों यह बात कह चुकी हैं कि इंडिया एलायंस के बैनर तले ही यूपी में वह चुनाव लड़ेंगी। राहुल गांधी बीजेपी के खिलाफ एक सीट एक प्रत्याशी की योजना पर काम कर रहे हैं, लेकिन यूपी में ऐसा होता खटाई में पड़ता दिख रहा है। कांग्रेस यूपी में ऐसी सीटें मार्क कर रही है जहां उसका संगठन मजबूत है और जरुरत पड़ने पर अकेले भी चुनाव में उतर सके।
प्रदेश में कांग्रेस नए सिरे से संगठनात्मक ओवर हॉलिंग में जुटी है। साथ ही लोकसभा क्षेत्रवार फीडबैक भी ले रही है। इसके लिए मेरठ, बरेली के बाद अब तीन अक्तूबर को सीतापुर में सम्मेलन हो रहा है। 20 अक्तूबर तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद संगठन में नए सिरे से जिम्मेदारी बांटी जाएगी। शीर्ष नेतृत्व को लोकसभा क्षेत्रवार फीडबैक भी भेजा जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पूर्व मंत्री अजय राय ने नई रणनीति अपनाई है। सीधे प्रदेश कार्यकारिणी घोषित करने के बजाय आधारभूत ढांचे की स्थिति जानने और ब्लॉकवार सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची तैयार करने में जुटे हैं। इसके लिए क्षेत्रवार सम्मेलन कर रहे हैं। यह सम्मेलन दो सत्र में हो रहा है। पहले सत्र में लोकसभा चुनाव की रणनीति पर पार्टी नेताओं का विचार जाना जा रहा है। दूसरे सत्र में संगठनात्मक ढांचे पर चर्चा हो रही है।
इसमें जिलेवार ब्लॉक स्तर तक के सक्रिय और निष्क्रिय पदाधिकारियों, पुराने नेताओं की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अब अगला सम्मेलन तीन अक्तूबर को सीतापुर में होने जा रहा है। यहां सीतापुर के साथ ही लखीमपुर खीरी, गोंडा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली और हरदोई जिले के पदाधिकारियों के साथ सम्मेलन होगा।
इन जिलों में संगठन की स्थिति, लोकसभा चुनाव 2004 के बाद की स्थिति आदि पर चर्चा होगी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि 20 अक्तूबर तक हर जिले में संगठनात्मक ढांचे और चुनावी लिहाज से लोकसभा क्षेत्र की स्थिति से संबंधित फीडबैक तैयार हो जाएगा। पूरी स्थिति से शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराते हुए आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन में सक्रिय रूप से कार्य करने वालों को ही जिम्मेदारी दी जाएगी।
