बिजली विभाग का अजीबो गरीब कारनामा उजागर हुआ। इसमें तीन इंजीनियरों ने उद्यमी को प्रताड़ित व बिजली न चालू करने के दोषी जूनियर इंजीनियर राजेश कुमार चौधरी को बचाने के लिए पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल व मध्यांचल निगम की एमडी रिया केजरीवाल को बिना जांच के ही फर्जी रिपोर्ट भेज दी। 

इस फर्जीवाड़े को वाणिज्य इकाई के अधीक्षण अभियंता अनूप कुमार सिन्हा, अधिशासी अभियंता नीरज कुमार, सहायक अभियंता प्रशांत कुमार गिरी ने अंजाम दिया। फर्जीवाड़े की जब से पोल खुली, तब से खलबली मची है। फिलहाल पूरे प्रकरण की दोबारा जांच हो रही है।

दोषी कर रहा मौज, निर्दोष का गोरखपुर तबादला

दुबग्गा उपकेंद्र इलाके में उद्यमी ने मेसर्स एसए ट्रेडर्स नाम से कनेक्शन लिया था। बिजली न चालू करने के लिए जूनियर इंजीनियर राजेश कुमार चौधरी दोषी पाया गया है। मगर, उसको संरक्षण देने वालों ने दूसरे जूनियर इंजीनियर नितिन चौधरी को दोषी बनाकर रिपोर्ट भेज दी। इससे नितिन का मध्यांचल निगम से पूर्वांचल निगम के गोरखपुर तबादला कर दिया गया। जबकि दोषी मौज कर रहा है।

यह है मामला

उद्यमी ने मेसर्स एसए ट्रेडर्स नाम से कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। आवेदक को जूनियर इंजीनियर राजेश कुमार चौधरी के इशारे पर लाइनमैन ने बहुत परेशान किया, मगर सुविधा शुल्क नहीं पा सका। खुन्नस में 6 दिसंबर को लाइन बनाकर बिजली चालू कर दी और मीटर भी लगा दिया। मगर, मीटर का केबल एलटी लाइन से नहीं जोड़ा।

मुख्य अभियंता अमौसी जोन लखनऊ महफूज आलम ने बताया कि उद्यमी का बिजली कनेक्शन चालू न करने में जिस जूनियर इंजीनियर की लापरवाही, उसकी जांच करा रहे हैं। हालांकि, अध्यक्ष को पूर्व में भेजी गई रिपोर्ट से पहले जिम्मेदारों ने जांच नहीं की। सही रिपोर्ट अध्यक्ष को भेजेंगे।

 



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