
ताजमहल पर उमड़ी पर्यटकों की भीड़।
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आगरा में अमेरिका के नौसेना सचिव कार्लोस डेल टोरो को फर्जी गाइड बनकर ताजमहल घुमाने वाले लपके असद आलम खान के खिलाफ 11 महीने बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। 20 नवंबर 2022 को सचिव उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ ताजमहल घूमने आए थे।
प्रतिनिधिमंडल के पास ताजमहल जाने से पहले शिल्पग्राम से अंग्रेजी भाषी गाइड पहुंचे। पर, सचिव के साथ आए एक सैन्य कर्मी ने असद आलम को गाइड के रूप में चुना। जिसके वीडियो व फोटो वायरल होने के बाद पर्यटन विभाग ने जांच कराई। जांच में गाइड के पास फर्जी पहचानपत्र की पुष्टि हुई। इस मामले में गाइड एंड टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक दान ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिख मामले में गंभीर चूक होने व जांच की मांग की थी।
रक्षामंत्री के निर्देश पर लंबी जांच चली। पर्यटन विभाग से रिपोर्ट मिलने पर 9 अक्तूबर को पर्यटन थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। एसीपी ताज सुरक्षा सैयद अरीब अहमद ने बताया कि आरोपी लपके के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद गिरफ्तारी हो सकती है।
हो सकता था जान का जोखिम
अमेरिका के नौसेना सचिव को घुमाने वाले लपके से विदेशी उच्च पदस्थ अधिकारी को जान का जोखिम हो सकता था। इसे सुरक्षा व प्रोटोकॉल में भारी चूक माना जा रहा है। विदेशी उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा में भी चूक सामने आई है। जानकारों का कहना है कि लपके फर्जी गाइड बनकर पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षा में सेंध लगाते हैं।
दिल्ली में मंत्रालय व दूतावास तक जुड़े हैं तार
ताजमहल ही नहीं, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी तक संरक्षित स्मारकों में फर्जी गाइड व लपके विदेशी पर्यटकों से धोखाधड़ी करते हैं। खरीदारी करने पर कमीशन के चक्कर में पूरा खेल चलता है। अमेरिका के नौसेना सचिव की तरह वियतनाम के रक्षा मंत्री को भी फर्जी गाइड ताजमहल घुमा चुका है। इसके अलावा अल सेल्वाडोर के प्रतिनिधिमंडल की सुरक्षा में भी सेंध लगाकर फर्जी गाइड ने ताजमहल घुमाया था। चर्चा है कि फर्जी गाइड व लपकों के तार दिल्ली में मंत्रालय व दूतावास तक जुड़े हुए हैं।
