कैंसर, मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी में प्रयोग की जाने वाली 17 दवाओं से बेसिक कस्टम डयूटी हटाने के फैसले से मरीजों को बड़ी राहत होगी। दवाएं सस्ती हो जाएंगी। इसका फायदा करीब एक लाख मरीजों को मिलेगा। इनमें 50 हजार कैंसर पीड़ित और इतने ही मधुमेह की चपेट में आते हैं। यह संख्या वो है जिनमें जांच के बाद पुष्टि होती है। ओपीडी में आने वाले मधुमेह पीड़ितों की संख्या ज्यादा होती है।
कैंसर और मधुमेह की कुछ दवाइयां विदेश से आती हैं। उन पर कस्टम डयूटी लगने से उसका दाम बढ़ जाता है। अब इस फैसले का सीधा असर गंभीर बीमारियों की दवाओं पर होगा। जिले में आईएमएस बीएचयू, होमी भाभा कैंसर अस्पताल, महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान के साथ तीन निजी अस्पतालों में कैंसर से ग्रसित मरीज आते हैं। औसतन हर साल करीब 50 हजार ऐसे मरीज होते हैं जिनको उपचार के दौरान डॉक्टर दवा लिखते हैं। इसमें कुछ दवाइयां तो सस्ती होती हैं लेकिन कुछ दवाइयां बहुत महंगी होती हैं।
