बजट 2026-2027’ में महिला सशक्तिकरण को नई गति देते हुए महिला एवं बाल विकास के बजट में 11 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और वित्तीय भागीदारी को नई ऊंचाई देने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में महिला एवं बाल विकास संबंधी योजनाओं के लिए लगभग 18,620 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी है।

इसके साथ ही योगी सरकार ने महिलाओं को सस्ते दर पर लोन देने का फैसला किया है। वहीं, सफाई एवं निर्माण कर्मियों को जल्द ही आवास भी उपलब्ध कराया जाएगा।

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निराश्रित महिला पेंशन योजना में 3,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वर्ष 2016-17 में जहां इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 17.32 लाख थी, वहीं वर्ष 2025-26 में अब तक यह बढ़कर 38.58 लाख से अधिक हो चुकी है। बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए छात्रावासों के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माण योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण पर विशेष जोर

जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 252 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री बाल आश्रय योजना के अंतर्गत भवन निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त अनुपूरक पुष्टाहार कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 57 लाख लाभार्थियों को पोषण सहायता दी जा रही है। कुल मिलाकर, यह बजट महिला और बाल कल्याण की योजनाओं को मजबूती देने के साथ सामाजिक सुरक्षा और पोषण के दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।



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